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UP: शमी की बहन-बहनोई समेत परिवार के आठ लोगों ने ली 4.55 लाख रुपये की मनरेगा मजदूरी; सास समेत ये पांच दोषी

Sat, 29 Mar 2025 02:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 29 Mar 2025 02:40 PM IST
सार

मनरेगा में गड़बड़ी की जांच में मोहम्मद शमी की बहन की सास समेत पांच दोषी पाए गए हैं। परियोजना निदेशक के नेतृत्व में अधिकारी पलौला में मनरेगा का तीन साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। अब तक क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई समेत परिवार के आठ लोगों के नाम सामने आए हैं।

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Amroha News Cricketer Mohammed Shami Sister and Brother-In-Law Including Family Took Mnrega Wages
Mohammed Shami Sister MNREGA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भले ही अधिकारी क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना -बहनोई मोहम्मद गजनबी समेत परिवार के आठ लोगों को मनरेगा मजदूरी का फर्जी तरीके से भुगतान से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं, लेकिन यह तो साफ है कि फर्जी तरीके से मनरेगा मजदूरी के भुगतान के मामले में ग्राम सचिव, रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक जिम्मेदार हैं। 
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इनका फंसना तय है। सब कुछ जानते हुए भी यह ग्राम प्रधान के परिवार के सदस्यों को बिना मजदूरी किए भुगतान करते रहे। इन लोगों से फर्जी तरीके से ली गई मनरेगा मजदूरी की रकम वापस तो होगी, साथ ही ग्राम प्रधान के अधिकार भी सीज हो सकते हैं। 
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केंद्र और प्रदेश सरकार के रिपोर्ट मांगने के बाद जिले के अधिकारियों के होश उड़े हैं। तीन साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। इसके बाद कार्रवाई की बात कर रहे हैं। उधर, कार्रवाई के बचने के लिए जिम्मेदार उच्चाधिकारियों और रसूखदार नेताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं।
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बहन-बहनोई समेत परिवार के आठ लोगों ने ली 4.55 लाख रुपये मनरेगा मजदूरी
अमरोहा के पलौला में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन के परिवार ने मनरेगा में खुल कर भ्रष्टाचार करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। फिलहाल परिवार के आठ लोगों के नाम इसमें सामने आए हैं। जिन्होंने फर्जी तरीके से हाजिरी दिखा कर मनरेगा की मजदूरी हासिल कर ली। 

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अब मामले की जांच में कई परतें खुल कर सामने आ रही हैं। शबीना के पति गजनबी इस कहानी का केंद्र बिंदु बनकर सामने आ रहा है। परिवार के लोगों ने ही मनरेगा से 4.55 लाख रुपये की मजदूरी ली है।
 

गांव पलौला में मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा पत्नी शकील अहमद ग्राम प्रधान हैं। अपने कार्यकाल में प्रधान ने मनरेगा में जरूरतमंद परिवारों का हक भी अपने परिवार को बांट दिया। यानी अपने परिवार के आठ लोगों को मनरेगा में मजदूर दिखाकर 455973 रुपये की मजदूरी हासिल की है। मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन में खलबली मची और आनन फानन मामले की जांच शुरू हो गई। प्रदेश और केंद्र सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। 

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अभी तक कि जांच में सामने आया है कि शबीना ने 71013, उनके पति गजनबी ने 66561, देवर शेखू ने 55312, नसरुद्दीन ने 71704, आमिर सुहेल ने 63851, ननद नेहा ने 55867, सरिया ने 54645 व सबा रानी ने 17020 रुपये की मनरेगा मजदूरी चार वर्षों में हासिल की है। 
 

सभी सदस्यों के काम करते हुए कोई फोटो भी नहीं मिले
इतना ही नहीं जांच के दौरान सभी सदस्यों के काम करते हुए कोई फोटो भी नहीं मिले हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच टीम ने सभी पत्रावली अपने कब्जे में ले ली है। सभी के जॉब कार्ड 2021 में बने थे।

यह है पूरा मामला
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की शादी जोया ब्लॉक के गांव पलौला निवासी मोहम्मद गजनबी के साथ हुई है। शबीना की सास गुले आयशा ही ग्राम प्रधान हैं। शबीना और उनके पति गजनवी ने गांव में मनरेगा मजदूर का पंजीकरण करा रखा था। इतना ही नहीं, शबीना के पति गजनबी और एमबीबीएस व एलएलबी कर रहे उनके दो देवरों का भी मनरेगा मजदूर के रूप में जॉब कार्ड बना है। चारों के खातों में मनरेगा की करीब 2.66 लाख रुपये मजदूरी भेजी गई है।

चार साल में शबीना ने 71,013 रुपये, पति गजनवी ने 65 हजार, लखनऊ में एमबीबीएस कर रहे देवर आमिर सुहेल ने 63,851, एलएलबी कर रहे देवर शेखू ने 67 हजार रुपये की मजदूरी प्राप्त की। चारों के मनरेगा के जॉब कार्ड 2021 में बने थे, जो अगस्त 2024 तक एक्टिव रहे। इसमें सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग का मामला सुर्खियों में आने के बाद डीएम ने परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को जांच सौंप है। इसके बाद से अधिकारी तीन साल का रिकार्ड खंगालने में जुटे हैं।

 

पलौला गांव में मनरेगा के कार्यों का तीन साल के रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। गांव में मनरेगा जॉब कार्ड बनाना और मजदूरों से काम कराने के लिए रोजगार सेवक, ग्राम सचिव और प्रधान जिम्मेदार होते हैं। मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार ने रिपोर्ट मांगी है। इसलिए, बारीकी से रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। जिन लोगों ने गलत तरीके से मनरेगा मजदूरी ली है, उनसे रिकवरी की जाएगी। जांच पूरी होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जो इसके शामिल रहे हैं।- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ

यह भी पढ़ें: UP: क्रिकेटर शमी की बहन और जीजा मनरेगा मजदूर, MBBS और वकालत करने वाले देवरों के खाते में आई मजदूरी; पूरी कहानी

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