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 सिविल डिफेंस  की ट्रेनिंग में हादसा 

Thu, 02 Jun 2016 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Thu, 02 Jun 2016 10:44 AM IST
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accident in  Civil Defense training
हादसा
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नीचे बिछाए होते गद्दे तो नहीं होता हादसा
 सिविल डिफेंस वाले आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग देने तो पहुंच गए, लेकिन इस दौरान अपनाई जाने वाले सावधानियों को ही भूल गए। इतनी ऊंचाई से आपदा में फंसे लोगों को नीचे लाने की ट्रेेनिंग के दौरान गद्दे तक नहीं बिछाए गए। जिसका नतीजा ये रहा कि शिक्षिका का जीवन खतरे में पड़ गया।  सिविल डिफेंस आपदा के समय लोगों का जीवन बचाने काम करती है। सामान्य तौर आपदा से लड़ने वाले वालेंटियर भी तैयार करने का काम भी इनके जिम्मे है।

इसके लिए सिविल डिफेंस की टीम अलग अलग स्कूलों और संस्थाओं में जाकर ट्रेनिंग देती है। इसी क्रम में आरआरके स्कूल में पांच दिवसीय ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। जिसमें छात्र छात्राओं को आपदा के समय खुद को बचाने के साथ ही दूसरों को बचाने की ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन पांच दिन की ट्रेेनिंग के बाद हुई मॉक ड्रिल में बड़ी घटना घट गई। मॉक ड्रिल के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियां तक सिविल डिफेंस ने नहीं अपनाईं।
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नतीजा ये रहा कि श्रद्धा शर्मा अस्पताल में जीवन की लड़ाई लड़ रही हैं। जहां पर्दा लगाया गया उसके नीचे गद्दे लगाए जाने चाहिए थे। लेकिन वहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। आगे घास की मैदान था, लेकिन दीवार के किनारे पक्की नाली बनी थी और उसे ढकने के लिए सीमेंट के स्लैब रखे हुए थे। पत्थरों पर गिरने से शिक्षिका को गंभीर चोटें आईं। अगर नीचे गद्दे बिछाए गए होते तो इतना बड़ा हादसा ना होता। स‌िसव  
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श्रद्धा शर्मा को आरआरके स्कूल की ओर से ट्रेनिंग के लिए विशेष तौर पर लगाया था। वे खुद उत्साह के साथ ट्रेनिंग में हिस्सा ले रही थीं। हादसे से पहले भी वे ट्रेनिंग में पर्दे पर होकर नीचे आ चुकी थी। मॉक ड्रिल के दौरान बैलेंस बिगड़ने से हड़बड़ाहट में वे बताई गए निर्देशों को भूल गईं। खुद को बचाने के लिए हाथ ऊपर करना ही उनके लिए भारी पड़ गया। 
पर्दे के सहारे नीचे उतारने से पहले सभी को सावधानी के तौर पर कुछ निर्देश दिए गए थे। जिसमें बताया गया था कि पर्दे पर नीचे खिसकते समय हाथ ऊपर नहीं करने हैं।


पर्दे पर नीचे खिसकते ही वे उसके एक तरफ आ गईं। खुद को नीचे गिरता महसूस कर वे हड़बड़ा गईं। खुद को बचाने के लिए ऊपर की रस्सी पकड़ने के लिए हाथ उठाए हाथ उठाते ही वे बचाव के लिए सीने पर बांधे गए रस्सी के छल्ले से निकल गईं और नीचे गिर गईं। अगर वे हाथ ऊपर नहीं करती तो पर्दे से गिरने के बावजूद रस्सी के सहारे हवा में झूल जातीं। लेकिन घबराहट में घटना हो गई। 

 
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