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Moradabad News: ऐसा सरकारी स्कूल, जिसकी नहीं कोई राह...जिम्मेदार बोले-हमें नहीं पता
Tue, 06 Oct 2026 02:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:35 AM IST
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ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। क्या आप यकीन करेंगे कि जिले में एक ऐसा प्राथमिक विद्यालय भी है, जिस तक आने-जाने के लिए कोई अधिकृत रास्ता नहीं है। स्कूल जाने के लिए बच्चे और शिक्षक खेत अथवा निजी भूमि के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। हैरानी की बात यह है कि 60 साल पुराने इस स्कूल के लिए विधिक रास्ता न होने से जिम्मेदार बेखबर हैं। स्कूल के पास अपनी राह न होने की बात भी एक ग्रामीण द्वारा खुद के घर के लिए रास्ता मांगने की जांच से सामने आई।
यहां बात हो रही है ठाकुरद्वारा के गांव गोपीवाला के प्राथमिक विद्यालय की, जिसकी छात्र संख्या 56 और इन्हें पढ़ाने के लिए छह शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं लेकिन रास्ता नहीं है। इस विद्यालय के पास रहने वाले ग्रामीण ऊदल सिंह ने अपने घर आने-जाने के लिए रास्ते की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। ग्रामीण ने शिकायत में कहा था- मेरा घर गोपीवाला गांव के सरकारी स्कूल के पास है लेकिन घर तक आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है, लिहाजा रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
इस शिकायत के संदर्भ में एसडीएम और तहसीलदार के निर्देश पर लेखपाल दीपक कुमार ने शनिवार को गोपीवाला जाकर जांच की। लेखपाल ने बताया कि जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि प्राथमिक विद्यालय और ऊदल सिंह के घर आने-जाने के लिए राजस्व अभिलेखों में कोई रास्ता दर्ज नहीं है। स्कूल के बच्चे और ऊदल सिंह निजी भूमि में बने रास्ते से आते-जाते हैं। लेखपाल ने बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट तहसीलदार और एसडीएम को देंगे।
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इस बाबत पूछने पर ग्राम प्रशासक (प्रधान) असरीन जहां और उनके पति जाकिर हुसैन ने बताया कि इन दिनों विद्यालय और ऊदल के घर तक पहुंचने के लिए लोग राजेंद्र सिंह के खेत का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल के लिए पक्के रास्ते का निर्माण करने का प्रयास किया तो खेत मालिक ने अपनी जमीन पर रास्ता बनने नहीं दिया। इससे पहले पुराने समय में स्कूल के लिए जो रास्ता इस्तेमाल हो रहा था, वह भी ग्रामीण के मकान बना लेने से बंद हो गया था।
प्राथमिक विद्यालय की हेड मास्टर उमा का कहना है कि उन्होंने रास्ते के संबंध में करीब 15 दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय को जानकारी भेजी है। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चे और शिक्षक गांव के मंदिर के पास से आते-जाते हैं, स्कूल का सीधा और सरकारी रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते के रूप में इस्तेमाल की जा रही निजी जमीन बारिश के दिनों में आने-जाने लायक नहीं बचती। इससे बच्चे और शिक्षक पानी में ईंटें रखकर एक-एक कदम बढ़ाते हैं। (संवाद)
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खंड शिक्षा अधिकारी को नहीं जानकारी
ठाकुरद्वारा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भूपेश दिनकर ने बताया कि उन्होंने अभी एक सप्ताह पहले ही चार्ज लिया है। गोपीवाला के प्राथमिक विद्यालय के संबंध में किसी रिपोर्ट की अभी उन्हें जानकारी नहीं है। रिपोर्ट मिलने पर संबंधित अधिकारियों से बात करके विद्यालय के रास्ते की समस्या हल कराई जाएगी।
इस बारे में पूछने पर एसडीएम वेदप्रकाश पांडे ने कहा कि उनके पास विद्यालय के रास्ते के संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा इस बारे में अवगत कराने पर या रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, तहसीलदार अमित कुमार ने बताया कि अभी लेखपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने पर उसका अवलोकन किया जाएगा।
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यहां बात हो रही है ठाकुरद्वारा के गांव गोपीवाला के प्राथमिक विद्यालय की, जिसकी छात्र संख्या 56 और इन्हें पढ़ाने के लिए छह शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं लेकिन रास्ता नहीं है। इस विद्यालय के पास रहने वाले ग्रामीण ऊदल सिंह ने अपने घर आने-जाने के लिए रास्ते की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। ग्रामीण ने शिकायत में कहा था- मेरा घर गोपीवाला गांव के सरकारी स्कूल के पास है लेकिन घर तक आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है, लिहाजा रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
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इस शिकायत के संदर्भ में एसडीएम और तहसीलदार के निर्देश पर लेखपाल दीपक कुमार ने शनिवार को गोपीवाला जाकर जांच की। लेखपाल ने बताया कि जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि प्राथमिक विद्यालय और ऊदल सिंह के घर आने-जाने के लिए राजस्व अभिलेखों में कोई रास्ता दर्ज नहीं है। स्कूल के बच्चे और ऊदल सिंह निजी भूमि में बने रास्ते से आते-जाते हैं। लेखपाल ने बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट तहसीलदार और एसडीएम को देंगे।
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इस बाबत पूछने पर ग्राम प्रशासक (प्रधान) असरीन जहां और उनके पति जाकिर हुसैन ने बताया कि इन दिनों विद्यालय और ऊदल के घर तक पहुंचने के लिए लोग राजेंद्र सिंह के खेत का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल के लिए पक्के रास्ते का निर्माण करने का प्रयास किया तो खेत मालिक ने अपनी जमीन पर रास्ता बनने नहीं दिया। इससे पहले पुराने समय में स्कूल के लिए जो रास्ता इस्तेमाल हो रहा था, वह भी ग्रामीण के मकान बना लेने से बंद हो गया था।
प्राथमिक विद्यालय की हेड मास्टर उमा का कहना है कि उन्होंने रास्ते के संबंध में करीब 15 दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय को जानकारी भेजी है। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चे और शिक्षक गांव के मंदिर के पास से आते-जाते हैं, स्कूल का सीधा और सरकारी रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते के रूप में इस्तेमाल की जा रही निजी जमीन बारिश के दिनों में आने-जाने लायक नहीं बचती। इससे बच्चे और शिक्षक पानी में ईंटें रखकर एक-एक कदम बढ़ाते हैं। (संवाद)
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खंड शिक्षा अधिकारी को नहीं जानकारी
ठाकुरद्वारा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भूपेश दिनकर ने बताया कि उन्होंने अभी एक सप्ताह पहले ही चार्ज लिया है। गोपीवाला के प्राथमिक विद्यालय के संबंध में किसी रिपोर्ट की अभी उन्हें जानकारी नहीं है। रिपोर्ट मिलने पर संबंधित अधिकारियों से बात करके विद्यालय के रास्ते की समस्या हल कराई जाएगी।
इस बारे में पूछने पर एसडीएम वेदप्रकाश पांडे ने कहा कि उनके पास विद्यालय के रास्ते के संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा इस बारे में अवगत कराने पर या रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, तहसीलदार अमित कुमार ने बताया कि अभी लेखपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने पर उसका अवलोकन किया जाएगा।