अनुज हत्याकांड: गवाहों की हत्या के लिए दी 10 लाख की सुपारी, शूटर गिरफ्तार, इस वजह से नहीं दे पाए घटना को अंजाम
मुरादाबाद के चर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड में गवाह अजय कुमार और नीरज खत्री की हत्या के लिए दस लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। आरोपी कमलवीर ने दो किश्तों में पांच लाख रुपये शूटरों को दे भी दिए थे, लेकिन 25 दिसंबर 2025 को छजलैट क्षेत्र में अजय कुमार पर की गई फायरिंग नाकाम रही और वह बच गए। छजलैट पुलिस ने मेरठ निवासी शूटर सचिन कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ में साजिश का खुलासा किया है।
विस्तार
मुरादाबाद के चर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड के दो गवाहों अजय कुमार और नीरज खत्री की हत्या की सुपारी दस लाख रुपये में दी गई थी। दो बार में पांच लाख रुपये आरोपी कमलवीर ने शूटरों को दे भी दिए थे लेकिन शूटर घटना को अंजाम नहीं दे पाए। बुधवार को छजलैट पुलिस ने एक शूटर सचिन कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है।
दस अगस्त 2023 की शाम नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अनुज चौधरी के बहनोई नीरज खत्री और दोस्त अजय कुमार कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। दोनों हत्याकांड में गवाह भी हैं।
मूल रूप से संभल के थाना ऐचौडा कम्बोह के गौहर नगर निवासी अजय कुमार ने छजलैट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर की रात वह कार से साथी के साथ बिजनौर के रायपुर जा रहे थे। छजलैट में कैंच की पुलिया-हकीमपुर मार्ग पर बाइक सवार दो युवकों ने उन पर फायरिंग की थी।
दोनों ने गन्ने के खेत में छिपकर अपनी जान बचाई। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि इस मामले में मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के इंद्रपुरम काशी निवासी सचिन कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि अनुज चौधरी हत्याकांड के आरोपी कमलवीर और ललित कौशिक से उसकी 2017 में मुलाकात हुई थी।
2023 कमलवीर अनुज हत्याकांड में जेल चला और 2025 जमानत पर जेल से बाहर आ गया था। कमलवीर ने ही सचिन से अजय कुमार और अनुज के बहनोई नीरज की हत्या करने का सौदा दस लाख रुपये में तय किया था। जिसके बाद सचिन ने अपने साथ अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के नंगलिया जट निवासी धीरेंद्र उर्फ छोटू अपने साथ जोड़ लिया था और तय रकम में से इन्हें पांच लाख रुपये भी मिल गए थे।
25 दिसंबर 2025 की रात छजलैट क्षेत्र में अजय कुमार की हत्या करना चाहते थे लेकिन वह बचकर निकल गया था। पुलिस ने आरोपी से पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। बुधवार शाम पुलिस ने सचिन को कोर्ट में पेश किया से उसे जेल भेज दिया गया है।
कचहरी में करना चाहते थे दोनों की हत्या
आरोपी शूटर सचिन ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह पहले नोएडा में रहता था और 2012 में लूट के मामले में जेल गया और 2015 में मेरठ से हत्या के मामले में जेल जा चुका है। 2017 में जमानत पर बाहर आ गया था। कमलवीर ने व्हाट्सएप के जरिए सचिन से संपर्क किया था।
कमलवीर ने बताया कि अनुज चौधरी हत्याकांड के गवाह अजय व नीरज की दो जनवरी को गवाही है। दोनों को गवाही से रोकना है। 19 दिसंबर को सचिन और धीरेंद्र उर्फ छोटू कमलवीर कचहरी ले गया। उसी दिन जेल से प्रभाकर, अमित, मोहित तथा पुष्पेंद्र तारीख पर आये थे।
दोनों शूटरों की मुलाकात उनसे कराई जबकि ललित कौशिक व अन्य आरोपियों की कमलवीर से पहले ही बात हो चुकी थी। दस लाख रुपये में दोनों की हत्या कराने की सुपारी देकर दो लाख रुपये एडवांस दे दिए। कचहरी में ही नीरज और अजय की हत्या करने की साजिश रची गई थी लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी।