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मंडल में कुछ सीटों पर चेहरे बदल सकती है सरकार
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मुरादाबाद।
2019 के सियासी समर में भाजपा मंडल की कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के चेहरे बदल सकती है। फिलहाल मंडल की सभी छह लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रामपुर में सांसद डा. नैपाल सिंह के चुनाव मैदान हटने की बात करीब - करीब साफ है। यहां कई भाजपाइयों ने टिकट पाने की कवायद शुरू कर दी है। सपा - बसपा गठबंधन से बदले समीकरणों की वजह से मंडल की दो - तीन अन्य सीटों पर भी चेहरों में फेरबदल हो सकता है।
2014 की मोदी लहर में भाजपा ने मंडल की सभी छह सीटें जीतकर रिकार्ड बनाया था। संभल सीट पर सपा के डा. शफीकुर्रहमान बर्क को करीब पांच हजार वोटों से हराकर भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी सांसद बने। संभल सीट सपा के कद्दावर नेता आजम खां की प्रतिष्ठा से जुड़ी थी। आजम खां ही डा. बर्क को बसपा से सपा में लाए थे। अमरोहा में भाजपा के कंवर सिंह तंवर ने सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर को डेढ़ लाख वोटों से करारी शिकस्त दी थी। रामपुर में भाजपा के डा. नैपाल सिंह ने आजम के करीबी सपा उम्मीदवार नसीर खां को 27 हजार वोटों से पटखनी दी थी। बिजनौर में कुंवर भारतेंदु ने सपा के शाहनवाज राणा को दो लाख पांच हजार वोटों से हराकर रिकार्ड बनाया था तो मंडल की नगीना सीट पर भी भाजपा के यशवंत सिंह ने सपा के यशवीर सिंह को 92 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। 2019 में भाजपा इन नतीजों को दोहराने के लिए सभी जतन कर रही है। लेकिन सपा - बसपा गठबंधन ने भाजपा की राह बेहद मुश्किल कर दी है। बदले हालात में पार्टी मंडल की कुछेक सीटों पर प्रत्याशियों में फेरबदल भी कर सकती है। रामपुर सीट पर तो प्रत्याशी बदला जाना करीब - करीब तय ही है। मंडल की बाकी सीटों में भी कुछेक पर जातीय गणित और दूसरे पहलू देखकर बदलाव हो सकता है। फिलहाल सभी सांसदों की दावेदारी मजबूत है। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही टिकटों के दूसरे दावेदार भी सक्रिय होने लगे हैं।
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2019 के सियासी समर में भाजपा मंडल की कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के चेहरे बदल सकती है। फिलहाल मंडल की सभी छह लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रामपुर में सांसद डा. नैपाल सिंह के चुनाव मैदान हटने की बात करीब - करीब साफ है। यहां कई भाजपाइयों ने टिकट पाने की कवायद शुरू कर दी है। सपा - बसपा गठबंधन से बदले समीकरणों की वजह से मंडल की दो - तीन अन्य सीटों पर भी चेहरों में फेरबदल हो सकता है।
2014 की मोदी लहर में भाजपा ने मंडल की सभी छह सीटें जीतकर रिकार्ड बनाया था। संभल सीट पर सपा के डा. शफीकुर्रहमान बर्क को करीब पांच हजार वोटों से हराकर भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी सांसद बने। संभल सीट सपा के कद्दावर नेता आजम खां की प्रतिष्ठा से जुड़ी थी। आजम खां ही डा. बर्क को बसपा से सपा में लाए थे। अमरोहा में भाजपा के कंवर सिंह तंवर ने सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर को डेढ़ लाख वोटों से करारी शिकस्त दी थी। रामपुर में भाजपा के डा. नैपाल सिंह ने आजम के करीबी सपा उम्मीदवार नसीर खां को 27 हजार वोटों से पटखनी दी थी। बिजनौर में कुंवर भारतेंदु ने सपा के शाहनवाज राणा को दो लाख पांच हजार वोटों से हराकर रिकार्ड बनाया था तो मंडल की नगीना सीट पर भी भाजपा के यशवंत सिंह ने सपा के यशवीर सिंह को 92 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। 2019 में भाजपा इन नतीजों को दोहराने के लिए सभी जतन कर रही है। लेकिन सपा - बसपा गठबंधन ने भाजपा की राह बेहद मुश्किल कर दी है। बदले हालात में पार्टी मंडल की कुछेक सीटों पर प्रत्याशियों में फेरबदल भी कर सकती है। रामपुर सीट पर तो प्रत्याशी बदला जाना करीब - करीब तय ही है। मंडल की बाकी सीटों में भी कुछेक पर जातीय गणित और दूसरे पहलू देखकर बदलाव हो सकता है। फिलहाल सभी सांसदों की दावेदारी मजबूत है। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही टिकटों के दूसरे दावेदार भी सक्रिय होने लगे हैं।
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