यूपी: आठ वर्षीय बालिका के साथ हैवानित, अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म
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असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। आरोपी मासूम को हवस का शिकार बनाने के बाद दूसरे गांव में लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों की नजर मासूम पर पड़ी तो उन्होंने जानकारी की। जिसके बाद मासूम को उसकी नानी के घर तक पहुंचाया जा सका। मासूम की हालत देखकर सभी में हड़कंप मच गया। है। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजन मासूम को थाने लेकर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
बुधवार की शाम करीब तीन बजे आठ वर्षीय मासूम बालिका को खेलते समय दो लोग बाइक पर उठा ले गए। खेत खलिहानों में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। शाम को सात बजे करीब मासूम बालिका गांव चौधरपुर के नजदीक लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। ग्रामीणों ने मासूम को देखा तो उससे पूछताछ की। कुछ ग्रामीणों ने पहचान की और मासूम को उसकी नानी के घर पहुंचा दिया। जबकि मासूम के परिजन अपने गांव में मासूम की तलाश कर रहे थे।
मासूम के मिलने की सूचना हुई तो वह गांव चौधरपुर पहुंचे। हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। मासूम ने घटना की जानकारी दी। पीड़ित पिता ने बताया कि उनके घर एक महीने पहले उनके गांव के एक युवक ने मकान में कार्य किया था। बुधवार की शाम तीन बजे करीब आरोपी अपने एक साथी के साथ बाइक पर मासूम को उठाकर ले गया। खेत खलिहानों में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित पिता ने बताया कि वह 25 जून की शाम को एक रिश्तेदारी में अपनी पत्नी के साथ गया था। घर पर बच्चे अपने दादी के साथ थे। 26 जून को जब घर लौटे तो उनकी बेटी लापता थी। काफी तलाश की लेकिन वह नहीं मिली। शाम को फोन पर सूचना मिली कि मासूम बेसुध हालत में पड़ी मिली है। वहीं पुलिस को तहरीर दे कार्रवाई की गुहार लगाई है।
मासूम का 24 घंटे तक नहीं हो सका मेडिकल, पीड़ित परिवार भटका
असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। लेकिन बालिका का चौबीस घंटे बाद भी चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हो सका है। पीड़ित परिवार मासूम को लेकर पुलिस और अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा। पीड़ित पिता ने बताया कि घटना की जानकारी के बाद बुधवार की रात को वह मासूम बेटी के साथ असमोली थाने पहुंचा था।
पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के लिए मुरादाबाद भेज दिया। वहां चिकित्सकीय परीक्षण करने से इंकार कर दिया। इसके बाद गुरुवार की सुबह संभल जिला अस्पताल भेजा। वहां काफी देर तक इंतजार किया लेकिन महिला चिकित्सक नहीं मिलीं।
दोपहर के समय चंदौसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां भी चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हुआ। पीड़ित ने बताया कि चिकित्सकीय परीक्षण कराने के लिए चक्कर लगा लगा कर थक गया। जबकि मासूम की हालत ठीक नहीं हैं।