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577 करोड़ से चमकेगी अपने शहर की सूरत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 08 Apr 2016 03:23 AM IST
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नगर निगम मुरादाबाद की बैठक में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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577 करोड़ 1 लाख 8 हजार रुपये से अपने शहर की सूरत चमकेगी। गुरुवार को नगर निगम सदन ने वर्ष 2016-17 के इस बजट को पास कर दिया। इस धन में 114 करोड़ 71 लाख रुपया शहर की सड़कों, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, नालों और पार्क पर खर्च होगा।
हालांकि लंच के बाद सुझावों, सवालों के बीच आसानी से यह बजट पास हो गया लेकिन लंच से पूर्व कई बार सदन में हंगामा हुआ। दो बार पार्षद वेल में उतर आए। एक बार नगर निगम के अकाउंटेंट के बयान पर भड़क उठे। हाय हाय के नारे तक लगाए।
नगर निगम बोर्ड की बैठक बजट को लेकर बुलाई गई थी। शुरुआत कांग्रेसी पार्षद अनुभव मेहरोत्रा ने की। उन्होंने पिछली बोर्ड मीटिंग में सदन में उठाए गए बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर करने का मुद्दा प्रोसीडिंग से गायब होने पर सवाल खड़े किये। पूछा कि सदन में उठने वाले सवाल प्रोसीडिंग में क्यों नहीं दर्ज हुए। इस पर खामोशी छाई रही।
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सीडिंग में अधिकारियों ने गलती मानी। इसके बाद पिछली बोर्ड मीटिंग में उठाई गई समस्याओं का निस्तारण न होने को लेकर नगर निगम अफसरों की खिंचाई शुरू हुई। पार्षद सवालों के जवाब मांग रहे थे तभी पार्षद हसन सलमानी ने अपने वार्ड को दलित और मुस्लिम बाहुल्य बताकर निर्माण कार्य न कराने का आरोप लगाया।
इस पर मेयर बीना अग्रवाल ने सदन में हिंदू मुस्लिम की बात न करने की हिदायत दी। इसी पर कुछ और पार्षद हसन सलमानी के समर्थन में आ गए। कुछ हंगामा हुआ। इसी बीच कुछ और पार्षद भेदभाव का आरोप लगाने लगे। नगर आयुक्त एसके सिंह ने माइक संभाला और हसन सलमानी के वार्ड में नाला निर्माण न होने के लिए अपनी त्रुटि मानी। कहा कि अगले बजट में नाला पक्का बन जाएगा।
प्रोसीडिंग में मेडिकल क्लेम के लिए नगर निगम से प्रीमियम दिये जाने का उल्लेख न होने से हम सभी (अधिकारीगण) हैरत में थे। इस पर पार्षद राशिद बाबी ने प्रोसीडिंग के पेज नंबर 14 में दर्ज मेडिकल क्लेम के मुद्दे को पढ़ते हुए अकाउंटेंट पर सदन में झूठ बोलने का आरोप लगाया।
पार्षद सुरेंद्र विश्नोई सहित तमाम पार्षद अकाउंटेंट का विरोध करते हुए वेल पर आ गए। हंगामा करने लगे। अकाउंटेंट पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग उठाने लगे। दस मिनट से ज्यादा हंगामा चला। मेयर बीना अग्रवाल ने मेडिकल क्लेम पास होने की घोषणा की। कहा कि नगर निगम प्रीमियम जमा करेगा।
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हालांकि लंच के बाद सुझावों, सवालों के बीच आसानी से यह बजट पास हो गया लेकिन लंच से पूर्व कई बार सदन में हंगामा हुआ। दो बार पार्षद वेल में उतर आए। एक बार नगर निगम के अकाउंटेंट के बयान पर भड़क उठे। हाय हाय के नारे तक लगाए।
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नगर निगम बोर्ड की बैठक बजट को लेकर बुलाई गई थी। शुरुआत कांग्रेसी पार्षद अनुभव मेहरोत्रा ने की। उन्होंने पिछली बोर्ड मीटिंग में सदन में उठाए गए बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर करने का मुद्दा प्रोसीडिंग से गायब होने पर सवाल खड़े किये। पूछा कि सदन में उठने वाले सवाल प्रोसीडिंग में क्यों नहीं दर्ज हुए। इस पर खामोशी छाई रही।
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सीडिंग में अधिकारियों ने गलती मानी। इसके बाद पिछली बोर्ड मीटिंग में उठाई गई समस्याओं का निस्तारण न होने को लेकर नगर निगम अफसरों की खिंचाई शुरू हुई। पार्षद सवालों के जवाब मांग रहे थे तभी पार्षद हसन सलमानी ने अपने वार्ड को दलित और मुस्लिम बाहुल्य बताकर निर्माण कार्य न कराने का आरोप लगाया।
इस पर मेयर बीना अग्रवाल ने सदन में हिंदू मुस्लिम की बात न करने की हिदायत दी। इसी पर कुछ और पार्षद हसन सलमानी के समर्थन में आ गए। कुछ हंगामा हुआ। इसी बीच कुछ और पार्षद भेदभाव का आरोप लगाने लगे। नगर आयुक्त एसके सिंह ने माइक संभाला और हसन सलमानी के वार्ड में नाला निर्माण न होने के लिए अपनी त्रुटि मानी। कहा कि अगले बजट में नाला पक्का बन जाएगा।
इस बात पर वेल में उतरा पूरा सदन
पार्षद विद्यासरन शर्मा ने पार्षदों के मेडिकल क्लेम का मसला उठाया। कहा कि पिछली बोर्ड मीटिंग में जब सदन ने पास कर दिया तो मेडिकल क्लेम क्यों नहीं लागू हुआ। इस पर अकाउंटेंट टीएन मिश्रा ने जवाब दिया कि सदन ने पास किया। सभी सहमत थे, किंतु मार्च क्लोजिंग के अंतिम समय में प्रोसीडिंग मिली।प्रोसीडिंग में मेडिकल क्लेम के लिए नगर निगम से प्रीमियम दिये जाने का उल्लेख न होने से हम सभी (अधिकारीगण) हैरत में थे। इस पर पार्षद राशिद बाबी ने प्रोसीडिंग के पेज नंबर 14 में दर्ज मेडिकल क्लेम के मुद्दे को पढ़ते हुए अकाउंटेंट पर सदन में झूठ बोलने का आरोप लगाया।
पार्षद सुरेंद्र विश्नोई सहित तमाम पार्षद अकाउंटेंट का विरोध करते हुए वेल पर आ गए। हंगामा करने लगे। अकाउंटेंट पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग उठाने लगे। दस मिनट से ज्यादा हंगामा चला। मेयर बीना अग्रवाल ने मेडिकल क्लेम पास होने की घोषणा की। कहा कि नगर निगम प्रीमियम जमा करेगा।