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सत्र शुरु लेकिन बच्चों को नहीं मिली किताबें
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:04 AM IST
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बिना किताबों के कैसे पढ़ेंगे बेसिक स्कूल के बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद बेसिक स्कूलों की गुणवत्ता और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रहा है। लेकिन विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि सत्र शुरू हो गया लेकिन अभी तक बच्चों की किताबें नहीं आई हैं।
बेसिक स्कूलों में 2 अप्रैल से सत्र शुरू हो गया था। लेकिन किताबों का अभी कोई पता नहीं है। हिंदी माध्यम के बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। किताबें देर से आने की विभागीय लापरवाही के कारण यह व्यवस्था की गई है कि जो बच्चे एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जा रहे हैं उनसे किताबें वापस ले ली जाती हैं और नए बच्चों को किताबें दे दी जाती हैं। लेकिन उन किताबों की स्थिति इतनी खराब होती है कि बच्चों को पढ़ने में परेशानी होती है। किसी किताब से बीच में से ही पन्ने गायब होते हैं तो कुछ पर बच्चों ने पेंसिल चला दी है। ऐसे में बच्चों के हाथों में पुरानी और अनुपयोगी किताबें थमा दी गई हैं।
बेसिक के अंग्रेजी माध्यम के बच्चे हिंदी माध्यम में कर रहे पढ़ाई
इस वर्ष से जिले में 45 बेसिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का स्कूल बनाया गया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होनी है। स्कूलों का संचालन भी शुरू हो गया है लेकिन इन बच्चों के लिए अभी तक अंग्रेजी माध्यम की किताबें नहीं आई हैं। ऐसे में बच्चे हिंदी माध्यम में ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि विभाग से हमारे पास प्रकाशकों के की सूची आती है। हमने छात्र संख्या के अनुसार प्रकाशकों को किताबों की डिमांड भेज दी है। अप्रैल अंतिम सप्ताह तक किताबें आने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद बेसिक स्कूलों की गुणवत्ता और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रहा है। लेकिन विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि सत्र शुरू हो गया लेकिन अभी तक बच्चों की किताबें नहीं आई हैं।
बेसिक स्कूलों में 2 अप्रैल से सत्र शुरू हो गया था। लेकिन किताबों का अभी कोई पता नहीं है। हिंदी माध्यम के बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। किताबें देर से आने की विभागीय लापरवाही के कारण यह व्यवस्था की गई है कि जो बच्चे एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जा रहे हैं उनसे किताबें वापस ले ली जाती हैं और नए बच्चों को किताबें दे दी जाती हैं। लेकिन उन किताबों की स्थिति इतनी खराब होती है कि बच्चों को पढ़ने में परेशानी होती है। किसी किताब से बीच में से ही पन्ने गायब होते हैं तो कुछ पर बच्चों ने पेंसिल चला दी है। ऐसे में बच्चों के हाथों में पुरानी और अनुपयोगी किताबें थमा दी गई हैं।
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बेसिक के अंग्रेजी माध्यम के बच्चे हिंदी माध्यम में कर रहे पढ़ाई
इस वर्ष से जिले में 45 बेसिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का स्कूल बनाया गया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होनी है। स्कूलों का संचालन भी शुरू हो गया है लेकिन इन बच्चों के लिए अभी तक अंग्रेजी माध्यम की किताबें नहीं आई हैं। ऐसे में बच्चे हिंदी माध्यम में ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि विभाग से हमारे पास प्रकाशकों के की सूची आती है। हमने छात्र संख्या के अनुसार प्रकाशकों को किताबों की डिमांड भेज दी है। अप्रैल अंतिम सप्ताह तक किताबें आने की उम्मीद है।
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