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आमिर मियां के उर्स में उमड़े अकीदतमंद
रिपीट फाइल
आमिर मियां के उर्स में उमड़े अकीदतमंद
सैदनगर। गागन नगला स्थित सय्यद आमिर मियां की दरगाह पर 18 वें वार्षिक उर्स में भारी संख्या में उनके अकीदतमदों ने मजार शरीफ में फूल मालाएं चढ़ाने के बाद चादरपोशी की। उसके बाद कुलशरीफ में हिस्सा लिया। इस मौँके पर मुफ्ती सुलेमान ने तकरीर करते हुए कहा कि सय्यद आमिर मियां की दुनिया से रुकसती जवानी के समय में ही हो गई थे। आमिर मियां शौम और सलात के पाबंद थे।और उन्होंने कई मस्जिदों में इमामता भी की थी। वह गरीबों के मसीहा माने जाते थे। उन्होंने कहा कि आमिर मियां को सच्ची श्रद्धांजलि उनके द्वारा अपनाए गए समाज के खिदमत और बताए गए रास्ते पर चलकर ही मिल सकती है। इस मौके पर मजार के सज्जादानशीन सय्यद फाजिल मियां ,मंजूर मियां, फारुख मियां,सय्यद गुड्डू मियां,चिराग मियां, फरीद मियां आदि लोग मौजूद रहे।
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आमिर मियां के उर्स में उमड़े अकीदतमंद
सैदनगर। गागन नगला स्थित सय्यद आमिर मियां की दरगाह पर 18 वें वार्षिक उर्स में भारी संख्या में उनके अकीदतमदों ने मजार शरीफ में फूल मालाएं चढ़ाने के बाद चादरपोशी की। उसके बाद कुलशरीफ में हिस्सा लिया। इस मौँके पर मुफ्ती सुलेमान ने तकरीर करते हुए कहा कि सय्यद आमिर मियां की दुनिया से रुकसती जवानी के समय में ही हो गई थे। आमिर मियां शौम और सलात के पाबंद थे।और उन्होंने कई मस्जिदों में इमामता भी की थी। वह गरीबों के मसीहा माने जाते थे। उन्होंने कहा कि आमिर मियां को सच्ची श्रद्धांजलि उनके द्वारा अपनाए गए समाज के खिदमत और बताए गए रास्ते पर चलकर ही मिल सकती है। इस मौके पर मजार के सज्जादानशीन सय्यद फाजिल मियां ,मंजूर मियां, फारुख मियां,सय्यद गुड्डू मियां,चिराग मियां, फरीद मियां आदि लोग मौजूद रहे।