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अज्ञात वाहन के एक्सीडेंट पर भी मिलेगा मुआवजा
Updated Sun, 17 Jun 2018 02:16 AM IST
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यदि अज्ञात वाहन टक्कर मारकर भाग जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती तो भी परिवहन विभाग मुआवजा देगा। इसके लिए पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
एक्सीडेंट होने पर पीड़ित परिवार को लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ता है। मोटर एक्सीडेंट मामलों की सुनवाई के बाद पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रितों को बीमा कंपनी मुआवजे का भुगतान करती है। कई बार वाहन के मालिक को मुआवजा देना होता है। पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना तब करना पड़ता था, जब किसी वाहन का चालक एक्सीडेंट करके भाग जाता था। ऐसे में पुलिस न तो वाहन का पता लगा पाती थी और न ही उसके चालक का।
परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा प्राधिकरण के निर्देश पर पिछले दिनाें गाइडलाइन जारी कर ऐसे पीड़ितों को सहारा दिया है। आरटीओ प्रवर्तन केपी गुप्ता ने बताया कि अज्ञात वाहन से घायल होने या मौत होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रितों को मुआवजा दिया जाएगा। इसमें मौत होने पर 30 हजार रुपये और घायल होने पर 15 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इससे पीड़ितों को तात्कालिक सहायता मिल जाती है। यदि वाहन या उसका चालक चिह्नित हो जाते हैं तो नियमानुसार कोर्ट से मुआवजा लिया जा सकेगा।
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यदि अज्ञात वाहन टक्कर मारकर भाग जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती तो भी परिवहन विभाग मुआवजा देगा। इसके लिए पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
एक्सीडेंट होने पर पीड़ित परिवार को लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ता है। मोटर एक्सीडेंट मामलों की सुनवाई के बाद पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रितों को बीमा कंपनी मुआवजे का भुगतान करती है। कई बार वाहन के मालिक को मुआवजा देना होता है। पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना तब करना पड़ता था, जब किसी वाहन का चालक एक्सीडेंट करके भाग जाता था। ऐसे में पुलिस न तो वाहन का पता लगा पाती थी और न ही उसके चालक का।
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परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा प्राधिकरण के निर्देश पर पिछले दिनाें गाइडलाइन जारी कर ऐसे पीड़ितों को सहारा दिया है। आरटीओ प्रवर्तन केपी गुप्ता ने बताया कि अज्ञात वाहन से घायल होने या मौत होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रितों को मुआवजा दिया जाएगा। इसमें मौत होने पर 30 हजार रुपये और घायल होने पर 15 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इससे पीड़ितों को तात्कालिक सहायता मिल जाती है। यदि वाहन या उसका चालक चिह्नित हो जाते हैं तो नियमानुसार कोर्ट से मुआवजा लिया जा सकेगा।
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