{"_id":"5d1927358ebc3e3ca953e31c","slug":"1561929503139000-moradabad-news138","type":"story","status":"publish","title_hn":"9000 करोड़ की इंडस्ट्री को नहीं मिले नौ मिनट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9000 करोड़ की इंडस्ट्री को नहीं मिले नौ मिनट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हस्तशिल्प निर्यात उद्योग की समस्याओं को ध्यान से नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (एमएचईए) ने भविष्य में सभी सरकारी मीटिंगों के बहिष्कार का एलान कर दिया है। एसोसिएशन के सचिव अवधेश अग्रवाल का कहना है कि निर्धारित समय से करीब ढाई घंटे बाद एसोसिएशन को सीएम से मिलवाया गया। इससे पहले कि पदाधिकारी इंडस्ट्री की समस्याएं सीएम को बताते, तभी अधिकारियों ने ज्ञापन इकट्ठा करना शुरू कर दिए। सचिव का कहना है कि जब मुख्यमंत्री के पास समस्याएं सुनने का ही वक्त नहीं है तो फिर उनसे निराकरण की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
निर्यातकों की मुख्यमंत्री से मीटिंग के लिए दोपहर ढाई बजे का समय निर्धारित था। इसके लिए एमएचईए से अध्यक्ष नवेद उर रहमान, सचिव अवधेश अग्रवाल, नजमुल इस्लाम और लघु उद्योग भारती से अतुल भूटानी, अमित अग्रवाल, अजय गुप्ता जिम्मी, यस से उदित सरन, विशाल अग्रवाल, आईआईए से विनय मंगला व महेश अग्रवाल समेत अन्य निर्यातकों को प्रशासन की ओर से बुलावा भेजा गया था। सभी को सर्किट हाउस के एक कमरे में बैठाकर रखा गया था। करीब पौने पांच बजे मुख्यमंत्री से इन्हें मिलाया गया। मीटिंग के बाद निर्यातक बाहर आए तो तमतमाए थे। सचिव अवधेश अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री ने 9000 करोड़ रुपये सालाना विदेशी मुद्रा लाने वाली इंडस्ट्री की समस्या सुनने के लिए नौ मिनट का वक्त भी नहीं दिया। अधिकारियों ने समस्याएं सुनाने का मौका देने के बजाए ज्ञापन मांगे। अवधेश अग्रवाल का कहना है कि मुंह पर टेप लगाकर इस तरह मीटिँगों में जाने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब निर्यातक उद्योग बंधु समेत किसी भी सरकारी मीटिंग में नहीं जाएंगे। ऐसी मीटिंगों में जाना समय बर्बाद करने जैसा ही है। निर्यातक अब अपने दम पर काम करेंगे।
विज्ञापन
निर्यातकों की मुख्यमंत्री से मीटिंग के लिए दोपहर ढाई बजे का समय निर्धारित था। इसके लिए एमएचईए से अध्यक्ष नवेद उर रहमान, सचिव अवधेश अग्रवाल, नजमुल इस्लाम और लघु उद्योग भारती से अतुल भूटानी, अमित अग्रवाल, अजय गुप्ता जिम्मी, यस से उदित सरन, विशाल अग्रवाल, आईआईए से विनय मंगला व महेश अग्रवाल समेत अन्य निर्यातकों को प्रशासन की ओर से बुलावा भेजा गया था। सभी को सर्किट हाउस के एक कमरे में बैठाकर रखा गया था। करीब पौने पांच बजे मुख्यमंत्री से इन्हें मिलाया गया। मीटिंग के बाद निर्यातक बाहर आए तो तमतमाए थे। सचिव अवधेश अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री ने 9000 करोड़ रुपये सालाना विदेशी मुद्रा लाने वाली इंडस्ट्री की समस्या सुनने के लिए नौ मिनट का वक्त भी नहीं दिया। अधिकारियों ने समस्याएं सुनाने का मौका देने के बजाए ज्ञापन मांगे। अवधेश अग्रवाल का कहना है कि मुंह पर टेप लगाकर इस तरह मीटिँगों में जाने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब निर्यातक उद्योग बंधु समेत किसी भी सरकारी मीटिंग में नहीं जाएंगे। ऐसी मीटिंगों में जाना समय बर्बाद करने जैसा ही है। निर्यातक अब अपने दम पर काम करेंगे।
विज्ञापन