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परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवता खराब, उपस्थिति भी कम
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:44 AM IST
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चंदौसी। डिप्टी कलक्टर ओमवीर सिंह ने शनिवार को कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम मिली। वहीं शैक्षिक गुणवत्ता बेहद खराब मिली। कक्षा पांच के बच्चे भी शरीर के अंगों के अग्रेजी नाम नहीं जानते हैं।
डिप्टी कलक्टर सबसे पहले बनियाखेड़ा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय (द्वितीय) कैथल पहुंचे। यहां विद्यालय में कुल 356 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें से 180 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा में बच्चों के बैठने की पर्याप्त जगह न होने के कारण मुश्किल से बैठना पड़ता है। यहीं के प्राथमिक विद्यालय (प्रथम) में कुल पंजीकृत 311 बच्चों में 182 बच्चे उपस्थित पाए गए। बच्चे इमला नहीं लिख पाए। बाउंड्री बाल टूटी हुई है एवं बिजली का तार भी चोर काट ले गए। यहां छह आंगनबाड़ी केंद्र है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को छह माह से पुष्टाहार नहीं मिला है। बच्चों को टाफियां बांटनी पड़ रही है। कार्यकत्री विमला देवी व राधा शर्मा गैर हाजिर रही। प्राथमिक विद्यालय करेला में 181 में 106 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा पांच के छात्र से कोष्ठक के प्रकार पूछे गए, तो वह नहीं बता सके। शरीर के अंगों के नाम नहीं बता सके। प्राथमिक विद्यालय करेली में 198 में से 136 बच्चे मौजूद मिले। बहजोई ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अचलपुर भी 70 में 44 बच्चे मिले। कक्षा-पांच के छात्रों से नाक एवं बाल की अंग्रेजी पूछी गई तो बच्चे वह नहीं बता पाए।
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डिप्टी कलक्टर सबसे पहले बनियाखेड़ा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय (द्वितीय) कैथल पहुंचे। यहां विद्यालय में कुल 356 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें से 180 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा में बच्चों के बैठने की पर्याप्त जगह न होने के कारण मुश्किल से बैठना पड़ता है। यहीं के प्राथमिक विद्यालय (प्रथम) में कुल पंजीकृत 311 बच्चों में 182 बच्चे उपस्थित पाए गए। बच्चे इमला नहीं लिख पाए। बाउंड्री बाल टूटी हुई है एवं बिजली का तार भी चोर काट ले गए। यहां छह आंगनबाड़ी केंद्र है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को छह माह से पुष्टाहार नहीं मिला है। बच्चों को टाफियां बांटनी पड़ रही है। कार्यकत्री विमला देवी व राधा शर्मा गैर हाजिर रही। प्राथमिक विद्यालय करेला में 181 में 106 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा पांच के छात्र से कोष्ठक के प्रकार पूछे गए, तो वह नहीं बता सके। शरीर के अंगों के नाम नहीं बता सके। प्राथमिक विद्यालय करेली में 198 में से 136 बच्चे मौजूद मिले। बहजोई ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अचलपुर भी 70 में 44 बच्चे मिले। कक्षा-पांच के छात्रों से नाक एवं बाल की अंग्रेजी पूछी गई तो बच्चे वह नहीं बता पाए।
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