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बसौड़ा मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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मुरादाबाद। कपूर कंपनी स्थित शीतला देवी मंदिर में शनिवार से 14 दिवसीय बसौड़ा मेले का शुभारंभ हो गया। सुबह से ही माता शीतला के पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बासी भोजन का भोग लगाकर और शीतल जल चढ़ाकर श्रद्दालुओं ने माता का पूजन किया।
मंदिर परिसर के अलावा बाहर सड़क तक पूजन सामग्री, खिलौने, झूले और चाट-पकौड़ी की दुकाने सजी रहीं। शनिवार सुबह पांच बजे माता की आरती के बाद मंदिर के पट खोल दिए गए। प्रसाद और जल चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं ने माता के भोग का प्रसाद गृहण किया। शीतला माता के पूजन के लिए हर वर्ष मुरादाबाद समेत पड़ोसी जनपदों से भी श्रद्दालु आते हैं। मान्यता है कि होलिका दहन के बाद वायुमंडल का तापमान बढ़ता है। उसे ठंडा करने के लिए माता शीतला पर जल चढ़ाया जाता है। बसौड़ा मेले में काफी श्रद्धालु बच्चों को मुंडन के लिए लाते हैं। इसके अलावा नव विवाहित जोड़े माता से सुखद दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद लेते हैं। मंहत के अनुसार मंदिर परिसर में शीतला माता के अलावा, हुल्का, फूलवती माता, काली माता, भगवान श्री विष्णु, हनुमान जी, भगवान श्री कृष्ण और शिव परिवार की मूर्तियां हैं। शनिवार को मंदिर परिसर के बाहर सड़क तक माता के पूजन के लिए नारियल, चुनरी और प्रसाद खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। वहीं बच्चों ने मेले में लगे झूलों का आनंद लिया।
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मंदिर परिसर के अलावा बाहर सड़क तक पूजन सामग्री, खिलौने, झूले और चाट-पकौड़ी की दुकाने सजी रहीं। शनिवार सुबह पांच बजे माता की आरती के बाद मंदिर के पट खोल दिए गए। प्रसाद और जल चढ़ाने के बाद मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं ने माता के भोग का प्रसाद गृहण किया। शीतला माता के पूजन के लिए हर वर्ष मुरादाबाद समेत पड़ोसी जनपदों से भी श्रद्दालु आते हैं। मान्यता है कि होलिका दहन के बाद वायुमंडल का तापमान बढ़ता है। उसे ठंडा करने के लिए माता शीतला पर जल चढ़ाया जाता है। बसौड़ा मेले में काफी श्रद्धालु बच्चों को मुंडन के लिए लाते हैं। इसके अलावा नव विवाहित जोड़े माता से सुखद दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद लेते हैं। मंहत के अनुसार मंदिर परिसर में शीतला माता के अलावा, हुल्का, फूलवती माता, काली माता, भगवान श्री विष्णु, हनुमान जी, भगवान श्री कृष्ण और शिव परिवार की मूर्तियां हैं। शनिवार को मंदिर परिसर के बाहर सड़क तक माता के पूजन के लिए नारियल, चुनरी और प्रसाद खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। वहीं बच्चों ने मेले में लगे झूलों का आनंद लिया।
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