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शहरी मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाना चुनौती
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मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठन मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं। देश के विकास में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले बड़े टैक्स पेयर्स का मतदान के प्रति रुझान कम है। जबकि छोटी कालोनियों के लोग सबसे ज्यादा वोटिंग करते हैं। यह निष्कर्ष निर्वाचन विभाग द्वारा पिछले चुनावी आंकड़ों से निकल कर आया है। ऐसे में अधिकारियों के सामने पॉश कालोनियों के निवासियों को बूथों तक पहुंचाना चुनौती है। अधिकारियों के मुताबिक पूरे जिले का तीन प्रतिशत ऐसे मतदान केंद्र हैं, जहां पर कम मतदान प्रतिशत है। न्यूनतम मतदान 39 प्रतिशत है। इन बूथ पर जागरूकता कार्यक्रम करवाया है और लोगों को बुलाकर मॉक पोल करवाया। साथ ही मतदान के लिए जागरूक किया है।
2017 में हुए विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान शहर की सबसे ज्यादा पॉश मानी जाने वाली कालोनी सिविल लाइंस में रिकॉर्ड हुआ। यहां के निवासियों के लिए आरएन इंटर कालेज में कक्ष संख्या चार में बनाए गए बूथ में कुल 25.92 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां पर पुरुषों की स्थिति महिलाओं से भी खराब रही। 443 पुरुषों में से 114 पुरुष मतदान करने आए, जबकि 344 महिलाओं में से 90 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा करीब चार बूथों पर करीब 30 प्रतिशत मतदान हुआ है। नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के करीब 43 बूथों पर मतदान प्रतिशत अधिकतम 47.51 रहा है। यहां तक कि नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में आए ग्रीन मिडोज स्कूल के कक्ष दो में मतदान प्रतिशत 30.55 रहा है। जबकि इसी स्कूल के ग्रामीण सभा निर्वाचन क्षेत्र में रहे कक्ष संख्या तीन में मतदान का प्रतिशत 40.71 रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के करीब 36 बूथों पर अधिकतम मत प्रतिशत 51.80 रहा है। इसी तरह अन्य कई स्कूलों में भी ग्रामीण बूथों पर नगर के मुकाबले अधिक मतदान हुआ है। एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह का कहना है कि मतदान प्रतिशत कम होने का एक कारण मतदाता सूची में नाम न मिलना भी है। नाम ढूंढने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया है। आयोग के पोर्टल पर नाम ढूंढने के अलावा वोटर गाइड और स्लिप दी जा रही है। 1950 टोल फ्री नंबर पर एसएमएस करते ही तुरंत जानकारी दी जाती है। वोटर पर्ची मोबाइल पर उपलब्ध है। हर मतदान केंद्र पर मतदाता सुविधा केंद्र बन रहा है। बीएलओ अल्फावेट लोकेटर और बची हुई पर्ची लेकर बैठेगा। मतदाताओं के मतदान केंद्र की जानकारी देगा।
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2017 में हुए विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान शहर की सबसे ज्यादा पॉश मानी जाने वाली कालोनी सिविल लाइंस में रिकॉर्ड हुआ। यहां के निवासियों के लिए आरएन इंटर कालेज में कक्ष संख्या चार में बनाए गए बूथ में कुल 25.92 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां पर पुरुषों की स्थिति महिलाओं से भी खराब रही। 443 पुरुषों में से 114 पुरुष मतदान करने आए, जबकि 344 महिलाओं में से 90 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा करीब चार बूथों पर करीब 30 प्रतिशत मतदान हुआ है। नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के करीब 43 बूथों पर मतदान प्रतिशत अधिकतम 47.51 रहा है। यहां तक कि नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में आए ग्रीन मिडोज स्कूल के कक्ष दो में मतदान प्रतिशत 30.55 रहा है। जबकि इसी स्कूल के ग्रामीण सभा निर्वाचन क्षेत्र में रहे कक्ष संख्या तीन में मतदान का प्रतिशत 40.71 रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के करीब 36 बूथों पर अधिकतम मत प्रतिशत 51.80 रहा है। इसी तरह अन्य कई स्कूलों में भी ग्रामीण बूथों पर नगर के मुकाबले अधिक मतदान हुआ है। एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह का कहना है कि मतदान प्रतिशत कम होने का एक कारण मतदाता सूची में नाम न मिलना भी है। नाम ढूंढने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया है। आयोग के पोर्टल पर नाम ढूंढने के अलावा वोटर गाइड और स्लिप दी जा रही है। 1950 टोल फ्री नंबर पर एसएमएस करते ही तुरंत जानकारी दी जाती है। वोटर पर्ची मोबाइल पर उपलब्ध है। हर मतदान केंद्र पर मतदाता सुविधा केंद्र बन रहा है। बीएलओ अल्फावेट लोकेटर और बची हुई पर्ची लेकर बैठेगा। मतदाताओं के मतदान केंद्र की जानकारी देगा।
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