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पहली अप्रैल के बाद संपतियों का नामांतरण ऑफ लाइन नहीं हो गा
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मुरादाबाद।
नगर निगम में संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया पहली अप्रैल के बाद सिर्फ ऑनलाइन ही हो सकेगी। शासन ने सख्ती दिखाते हुए पहली अप्रैल के बाद ऑफ लाइन संपत्तियों के नामांतरण करने पर निगम के अधिकारियों के खिलाफ ही कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
नगर निगम अधिनियम जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत नागरिकों को तयशुदा समय में सुविधाओं का लाभ देने की व्यवस्था की गई है। जनवरी 2011 में नगर निगम की सीमा में स्थित अविवादित संपत्तियों के नामांतरण के लिए 45 दिनों का समय निश्चित किया गया था। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह का लेटर नगर निगम पहुंचा है कि पहली अप्रैल से संपत्तियों के नामांतरण की व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन होनी चाहिए। पहली अप्रैल के बाद संपत्तियों का नामांतरण ऑफलाइन नहीं किया जा सके गा। इस प्रक्रिया के लिए 45 दिनों की समय सीमा निश्चित की गई है। इस समयावधि मेें नामांतरण की कार्रवाई पूरी नहीं होने पर संबंधित जोनल अधिकारी से मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का अनुमोदन जरूरी होगा। अगर इसके बावजूद छह दिनों के अंदर नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं होती तो नगर आयुक्त से अनुमोदन जरूरी होगा। नगर निगम शासन को नामांतरण के मामलों में प्रगति रिपोर्ट हर तीन महीने पर देगी।
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नगर निगम में संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया पहली अप्रैल के बाद सिर्फ ऑनलाइन ही हो सकेगी। शासन ने सख्ती दिखाते हुए पहली अप्रैल के बाद ऑफ लाइन संपत्तियों के नामांतरण करने पर निगम के अधिकारियों के खिलाफ ही कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
नगर निगम अधिनियम जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत नागरिकों को तयशुदा समय में सुविधाओं का लाभ देने की व्यवस्था की गई है। जनवरी 2011 में नगर निगम की सीमा में स्थित अविवादित संपत्तियों के नामांतरण के लिए 45 दिनों का समय निश्चित किया गया था। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह का लेटर नगर निगम पहुंचा है कि पहली अप्रैल से संपत्तियों के नामांतरण की व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन होनी चाहिए। पहली अप्रैल के बाद संपत्तियों का नामांतरण ऑफलाइन नहीं किया जा सके गा। इस प्रक्रिया के लिए 45 दिनों की समय सीमा निश्चित की गई है। इस समयावधि मेें नामांतरण की कार्रवाई पूरी नहीं होने पर संबंधित जोनल अधिकारी से मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का अनुमोदन जरूरी होगा। अगर इसके बावजूद छह दिनों के अंदर नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं होती तो नगर आयुक्त से अनुमोदन जरूरी होगा। नगर निगम शासन को नामांतरण के मामलों में प्रगति रिपोर्ट हर तीन महीने पर देगी।
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