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नुक्कड़ पर आवेदन, घर पहुंचेगा पासपोर्ट
संजय शिशौदिया/ अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 02 Oct 2013 12:12 PM IST
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पासपोर्ट के लिए लोगों को अब पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) तक की दौड़ नहीं लगानी पडे़गी। देश भर में ऐसी करीब 200 मोबाइल वैन चलाए जाने की योजना है, जोकि देश भर के प्रत्येक जिले के गांव-गांव और शहर-शहर जाकर पासपोर्ट आवेदन लेंगी। विदेश मंत्रालय की इस योजना का ट्रायल शुरू हो चुका है। दिसंबर तक योजना के परवान चढ़ने की उम्मीद है।
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पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन के बाद विगत माह देश भर के सभी जिलों में चल रहे डिस्ट्रिक पासपोर्ट सेंटर (डीपीसी) बंद कर दिए गए थे। ऐसे में पासपोर्ट आवेदक को अब ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) तक की दौड़ लगानी पड़ती है। प्रत्येक पीएसके के अधीन कई-कई जिले आते हैं।
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गाजियाबाद पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधीन ही पश्चिमी यूपी के 13 जिले हैं। सहारनपुर से लेकर आगरा तक के आवेदक ऑनलाइन आवेदन के बाद साहिबाबाद स्थित पीएसके पहुंचकर अपने आवेदन की औपचारिकताएं पूरी करते हैं।
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वर्तमान समय में देश भर में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। इन सभी के अधीन विदेश मंत्रालय ने अब देश भर में करीब 200 वाई-फाई वैन चलाने का निर्णय लिया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रत्येक वैन निश्चित तारीख और दिन के हिसाब से संबंधित प्वाइंट पर पहुंचकर आवेदन जमा करने का काम करेंगी।
वैन में ही न केवल आवेदक के फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे, बल्कि उसकी फीस भी वहीं पर जमा कर ली जाएगी। कलेक्ट डाटा प्रतिदिन पीएसके ट्रांसफर कर दिया जाएगा। जहां से आवेदन को पुलिस और खुफिया विभाग की इंक्वायरी के लिए भेज दिया जाएगा।
"विदेश मंत्रालय की योजना पर गाजियाबाद में ट्रायल शुरू किया गया है। आगामी माह होने वाली मीटिंग में इस मुद्दे पर देश भर के 37 पासपोर्ट आफिसर अपनी बात रखेंगे। योजना अच्छी है और इसका लाभ गांव-गांव तक पहुंचेगा। दिसंबर तक इस योजना के शुरू होने की उम्मीद है।"
- सीताराम यादव, रीजनल पासपोर्ट अधिकारी, गाजियाबाद