केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को विंध्य कारिडोर का शिलान्यास किया। इसके साथ ही परिक्रमा पथ के निर्माण कार्य को हरी झंडी मिल गई। विंध्याचल मंदिर परिसर में हुए भूमि पूजन व आरती कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल व योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। विंध्य कॉरिडोर के प्रथम फेज की कुल लागत 128 करोड़ रुपये है। वहीं अष्टभुजा व काली खोह पर बने रोप-वे की लागत 16 करोड़ से अधिक है।
विंध्य कॉरिडोर के बृहद पयर्टन विकास के लिए पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 128 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गयी है। जिसमें मां विन्ध्यवासिनी देवी कॉरिडोर तथा मंदिर पर परकोटा एवं परिक्रमा पथ, रोड एवं मेन गेट की अवस्थापना, मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों को जोड़ने वाले पहुंच मार्गों को सुदृढ़ीकरण, विंध्याचल मेला परिक्षेत्र में पार्किग, शॉपिंग सेंटर अन्य यात्रियों सुविधाओं के निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। यह जल्द ही साकार रूप लेगा।
देखें अगली स्लाइड्स...।
अभी तक मां विंध्याचल दरबार में सकरी एवं तंग गलियो के कारण दर्शनाथियों को बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन अब भव्य एवं दिव्य कॉरिडोर बनने से भक्तों को 50 फीट चौड़ी सुविधाजनक यात्रा परिक्रमा पथ एवं प्रमुख 04 मार्गों के चौड़ीकरण से दर्शन में सुविधा होगी। बुर्जुग एवं असहाय बीमार लोग प्राय: अष्टभुजा एवं काली खोह के त्रिकोण दर्शन नहीं कर पाते थे लेकिन रोप-वे के चलते आराम से दर्शन कर सकेंगे।
3 of 6
विंध्य कॉरिडोर का भूमि पूजन
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विंध्याचल पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया। इसके बाद विंध्य कॉरिडोर शिलान्यास के लिए भूमि पूजन किया। विंध्य कॉरिडोर के मॉडल को देखने के बाद सड़क मार्ग से नगर के जीआईसी मैदान पर आयोजित कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हेलिकॉप्टर से दो बजकर 2.47 मिनट पर बरसात के बीच देवरी हेलीपेड पर उतरा। यहां पर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से 2.54 पर गृहमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क मार्ग से मां विंध्यवासिनी मंदिर के लिए रवाना हुए ।
तीन बजकर पांच मिनट पर मां विंध्यवासिनी मंदिर में पहुंचे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन विधायक रत्नाकर मिश्र व मंदिर में मुख्य पुजारी के रूप में सुधाकर मिश्र ने कराया। दर्शन-पूजन के बाद गृहमंत्री व मुख्यमंत्री 3.12 मिनट पर मंदिर में बने पूजन स्थल पर पहुंचे। वहां पर काशी से आए पंडित श्रीकांत व विंध्याचल के अगस्त द्विवेदी की नेतृत्व में ब्राह्मणों ने मंगलाचरण से मंत्रोच्चार कर शिला व भूमि पूजन कराया।