{"_id":"5e8b21818ebc3e76897301b3","slug":"uttarakhand-residents-suffering-from-hunger-and-thirst-for-two-days-mirzapur-news-vns519216148","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन से भूख और प्यास से बेहाल उत्तराखंडवासी, भोजन के लाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन से भूख और प्यास से बेहाल उत्तराखंडवासी, भोजन के लाले
विज्ञापन
राजगढ़। दरअसल लोगों को लॉकडाउन से नहीं बल्कि शासन के कड़े निर्देशों और मानीटरिंग के बावजूद लचर व्यवस्था व लापरवाही के चलते लोगों को समस्या झेलनी पड़ रही है। पिछले तीन-चार दिनों से क्षेत्र में उत्तराखंड से इलाज कराने आए लोगों को फुटबाल बना दिया गया है। लॉकडाउन में भोजन कराने में असमर्थ रिश्तेदार ने जब हाथ खड़े कर दिए तो उन्हें आश्रयस्थल भेज दिया गया। कुछ दिन यहां भोजन कराने के बाद आश्रय स्थल से जुड़े व्यवस्थापकों ने उन्हें फिर से रिश्तेदारो के यहां भेज दिया। उधर रिश्तेदार पहले से ही मजबूर है। ऐसे में सभी नौ लो दो दिनों भूख से बेहाल हैं।
बतादें कि मिस्तरपुर हरिद्वार, उत्तराखंड से 19 मार्च को अपने रिश्तेदार चौखड़ा निवासी खजांची के यहां गांव में एक घरेलू बैद्य से पथरी की दवा के लिए तीन मरीजो सहित कुल नौ लोग व्यक्तियों में अमरजीत 49 वर्ष, संजीत कुमार 30 वर्ष, वेदपाल 38 वर्ष, विपिन 37 वर्ष, माला 35 वर्ष, उमेश 40 वर्ष, गुड्डी 46 वर्ष, रोहित छह वर्ष व आर्यन 10 वर्ष लॉक डाउन में फंस गए। पहले तो रिस्तेदार गरीब खजांची ने सबका खर्चा उठाया। लेकिन धीरे-धीरे जब घर का राशन समाप्त होने लगा, तो उसने रिश्तेदारो को भोजन देने से मना कर दिया। भोजन की तलाश में सभी लोग राजगढ़ ब्लाक पहुंचे। जहां खंड विकास अधिकारी से गुहार लगाई। बीडीओ ने सभी नागरिकों का परीक्षण कराकर लॉक डाउन तक ब्लाक स्तर पर बनाए गए रेन बसेरा में रुकने की व्यवस्था कर दी। रेन बसेरा में रह कर सभी अपना समय पास कर रहे थे। यहां भी राशन खत्म हो जाने की बात कर बसेरा वालों ने उन्हें रिश्तेदार के यहां भेज दिया। जहां सभी नागरिक दो दिन भूख और प्यास से बेहाल हैं।
विज्ञापन
बतादें कि मिस्तरपुर हरिद्वार, उत्तराखंड से 19 मार्च को अपने रिश्तेदार चौखड़ा निवासी खजांची के यहां गांव में एक घरेलू बैद्य से पथरी की दवा के लिए तीन मरीजो सहित कुल नौ लोग व्यक्तियों में अमरजीत 49 वर्ष, संजीत कुमार 30 वर्ष, वेदपाल 38 वर्ष, विपिन 37 वर्ष, माला 35 वर्ष, उमेश 40 वर्ष, गुड्डी 46 वर्ष, रोहित छह वर्ष व आर्यन 10 वर्ष लॉक डाउन में फंस गए। पहले तो रिस्तेदार गरीब खजांची ने सबका खर्चा उठाया। लेकिन धीरे-धीरे जब घर का राशन समाप्त होने लगा, तो उसने रिश्तेदारो को भोजन देने से मना कर दिया। भोजन की तलाश में सभी लोग राजगढ़ ब्लाक पहुंचे। जहां खंड विकास अधिकारी से गुहार लगाई। बीडीओ ने सभी नागरिकों का परीक्षण कराकर लॉक डाउन तक ब्लाक स्तर पर बनाए गए रेन बसेरा में रुकने की व्यवस्था कर दी। रेन बसेरा में रह कर सभी अपना समय पास कर रहे थे। यहां भी राशन खत्म हो जाने की बात कर बसेरा वालों ने उन्हें रिश्तेदार के यहां भेज दिया। जहां सभी नागरिक दो दिन भूख और प्यास से बेहाल हैं।
विज्ञापन