UP Weather: मिर्जापुर में झूमकर बरसे मेघ, 156 मिलीमीटर बारिश हुई से तरबतर हुए लोग; गर्मी से राहत
यूपी के कई हिस्सों में सावन के पहले सोमवार को जमकर बारिश हुई। इसी कड़ी में मिर्जापुर भी पानी से लबालब हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। कई इलाकों में बारिश का पानी लग जाने से दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
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Mirzapur Weather: रविवार की देर रात से शुरू हुई बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी। सोमवार को दोपहर बाद बारिश से कलेक्ट्रेट परिसर सहित विंध्याचल में रेहड़ा पुल, नटवा रेलवे पुल, विंध्याचल के पुरानी वीआई मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में झमाझम हुई बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। धान के रोपाई कार्य में तेजी रही। सोमवार को पूरे जिले में 156 मिलीमीटर वर्षा हुई। तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक चुनार में 105, सदर में 34, लालगंज में पांच और मड़िहान तहसील क्षेत्र में 12 मिलीमीटर वर्षा हुई।
सोमवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्यिस दर्ज किया गया। सोमवार को दोपहर बाद बारिश से जिला अस्पताल के सामने, गड्ढायुक्त तीन किलोमीटर रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर तक पानी भर गया। विकास भवन परिसर सहित डंगहर में गली और मोहल्लों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। रोडवेज परिसर के अलावा आवास विकास काॅलोनी के निचले इलाकों, नटवा स्थित रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से बाइक सवारों को परेशानी हुई।
कलवारी : बाजार तथा आसपास के क्षेत्रों में बारिश से धान की रोपाई तेज हो गई। कुछ स्थानों पर सुबह से ही बिजली की आपूर्ति बंद होने से लोग परेशान रहे।
जिगना : रविवार की देर रात व सोमवार दोपहर बाद तेज बारिश के बाद धान की रोपाई तेज हो गई। कर्णावती नदी में उफान से भटेवरा विजयपुर रपटा के ऊपर पानी बहने से आवागमन बंद हो गया। लोग गैपुरा होकर गए।
जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक पार किया
रविवार की रात और सोमवार की दोपहर बाद बारिश से पुरानी वीआईपी मार्ग, रेहड़ा पुल के नीचे पानी भर गया। इस कारण कांवड़िये और श्रद्धालु जान में जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। सूचना पर नगर पालिका प्रशासन की तरफ से पंप के सहारे पानी निकाला गया। पानी कम होने पर आवागमन शुरू हो गया है, लेकिन कीचड़ सने मार्ग के चलते पैदल यात्रा करने वालों को परेशानी हुई। पुरानी वीआईपी मार्ग पर पानी भरे होने के चलते श्रद्धालु मार्ग बदलकर माता धाम की ओर पहुंच रहे थे।
ओवरफ्लो हुईं नालियां
विकास भवन कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर औद्योगिक आस्थान जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। सोमवार को दोपहर बाद झमाझम बारिश के चलते नालियां ओवरफ्लो हो गईं। इससे सड़क पर पानी बहने लगा। पानी फैक्टरियों के अंदर घुस रहा है। उद्यमियों का कहना है कि उद्योग बंधु की बैठक में नाले और नालियां साफ कराने की मांग के बावजूद सफाई नहीं हुई। इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कहीं गिरे पेड़ तो कहीं इंसुलेटर खराब होने से बत्ती गुल
रविवार की देर रात मूसलाधार बारिश के बीच कई क्षेत्रों में बत्ती गुल हो गई। दूसरे दिन कुछ स्थानों पर बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ क्षेत्रों में दूसरे दिन भी समस्या बरकरार रही।
जिगना : रविवार की रात नौ बजे से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। बारिश के दौरान बिजली गिरने से कई स्थानों पर इंसूलेटर खराब होने के कारण हरगढ़ पावर हाउस, विजयपुर पावर हाउस, मांडारोड पावर हाउस, हरगढ़ पंप कैनाल, नरायणघाट पंप कैनाल की 33 हजार वोल्टेज की लाइन खराब हो गई। साथ ही जिगना पावर हाउस व अर्जुनपुर पावर हाउस की 11 हजार वोल्टेज की लाइन खराब होने से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
नगवासी में 11 हजार की लाइन पर पेड़ गिर गया। दोपहर बाद लगभग 18 घंटे बाद खराबी दूर की गई। 11 हजार वोल्ट की लाइन थोड़ी देर चलने के बाद फिर बंद हो गई। इसे कर्मचारी ने रुटीन बंदी बताया है। लाइन न आने से जहां लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा। कई ई-रिक्शा चार्ज न होने से नहीं चले।
नरायनपुर : रात से सुबह दस तक बिजली गुल रही। दस बजे के बाद बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। चुनार से नरायनपुर के बीच में कुछ स्थानों पर पोल गिर जाने से समस्या हुई।
चेतगंज : तेज बारिश के चलते स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से रविवार की शाम 4:00 बजे से बिजली गुल रही। दूसरे दिन सुबह बिजली के अभाव में पीने के पानी की समस्या हुई। लोग हैंडपंपों पर पहुंचे। जेई राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 33000 की लाइन ब्रेकडाउन होने के कारण बिजली नहीं आ रही है। मरम्मत का कार्य चल रहा है। दुरुस्त होने पर बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।