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दिनभर थमे रहे ट्रकों के पहिए
अमर उजाला ब्यूरो मिर्जापुर।
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:30 AM IST
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टोल बैरियर व टीडीएस कटौती तुरंत समाप्त करने की मांग को लेकर आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस दिल्ली एवं लखनऊ के आह्वान पर ट्रक मालिक एक अक्तूबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिसका समर्थन मिर्जापुर मोटर आपरेटर एसोसिएशन ने भी किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने ट्रक मालिकों से कहा कि जब तक दिल्ली या लखनऊ के पदाधिकारियों का आदेश नहीं आ जाता है तब तक वे लोग सड़क पर अपना वाहन नहीं उतारेंगे।
ट्रक आपरेटरों की हड़ताल का असर जिले में भी दिखा। अपनी मांगों को लेकर सड़क किनारे, ढाबों समेत अन्य स्थानों पर ट्रक खड़े दिखाई दिए। ट्रकों के पहिए थमने से करोड़ों रुपये के नुकसान होने की आशंका है। वहीं खाद्य वस्तुओं पर भी इसका असर देखने को मिला। कई स्थानों पर सब्जी फल समेत अन्य सामान नहीं पहुंच सके। एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश दूबे की अध्यक्षता में बुधवार की शाम बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि एआईएमटी की हड़ताल का पूरा समर्थन किया जाएगा। कहा कि टोल बैरियरों पर ठेकेदारों द्वारा मनमाने तरीके से वसूली की जाती है।
विरोध जताने पर कर्मचारियों द्वारा मारपीट की जाती है। कहा कि मौजूदा टोल नीति ना तो पारदर्शी है ना जबावदेह। टोल नीति में बहुत खामियां हैं जो समय समय पर जागरूक मीडिया वर्ल्ड बैंक इंटिग्रिटी रिपोर्ट कैग सड़क उपभोक्ता उठाते रहते हैं। आरोप लगाया कि निजी ठेकेदार टोल टैक्स के नाम पर जनता को लगातार लूटने का काम रहे हैं।
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कई टोल बैरियरों पर लागत से चार गुना मुनाफा कमाने के बाद भी 10 से 20 वर्ष तक टोल लेने का
ठेेका उच्चाधिकारियों द्वारा दिया जाता रहा है। उपाध्ध्यक्ष जसवंत सिंह सरना ने कहा कि ट्रांसपोर्ट जगत पर टीडीएस कटौती तुरंत समाप्त हो। टीडीएस प्रणाली
वित्तीय एक्ट 2015 से पूर्व की ही लागू हो।
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ट्रक आपरेटरों की हड़ताल का असर जिले में भी दिखा। अपनी मांगों को लेकर सड़क किनारे, ढाबों समेत अन्य स्थानों पर ट्रक खड़े दिखाई दिए। ट्रकों के पहिए थमने से करोड़ों रुपये के नुकसान होने की आशंका है। वहीं खाद्य वस्तुओं पर भी इसका असर देखने को मिला। कई स्थानों पर सब्जी फल समेत अन्य सामान नहीं पहुंच सके। एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश दूबे की अध्यक्षता में बुधवार की शाम बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि एआईएमटी की हड़ताल का पूरा समर्थन किया जाएगा। कहा कि टोल बैरियरों पर ठेकेदारों द्वारा मनमाने तरीके से वसूली की जाती है।
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विरोध जताने पर कर्मचारियों द्वारा मारपीट की जाती है। कहा कि मौजूदा टोल नीति ना तो पारदर्शी है ना जबावदेह। टोल नीति में बहुत खामियां हैं जो समय समय पर जागरूक मीडिया वर्ल्ड बैंक इंटिग्रिटी रिपोर्ट कैग सड़क उपभोक्ता उठाते रहते हैं। आरोप लगाया कि निजी ठेकेदार टोल टैक्स के नाम पर जनता को लगातार लूटने का काम रहे हैं।
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कई टोल बैरियरों पर लागत से चार गुना मुनाफा कमाने के बाद भी 10 से 20 वर्ष तक टोल लेने का
ठेेका उच्चाधिकारियों द्वारा दिया जाता रहा है। उपाध्ध्यक्ष जसवंत सिंह सरना ने कहा कि ट्रांसपोर्ट जगत पर टीडीएस कटौती तुरंत समाप्त हो। टीडीएस प्रणाली
वित्तीय एक्ट 2015 से पूर्व की ही लागू हो।