{"_id":"6088f0932bc49b4a4a743d88","slug":"the-roof-of-the-house-collapsed-five-people-belonging-to-the-same-family-died-in-mirzapur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दुखद हादसा : मकान की छत गिरी, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुखद हादसा : मकान की छत गिरी, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
Wed, 28 Apr 2021 10:50 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/मिर्जापुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 28 Apr 2021 10:50 AM IST
विज्ञापन
मिर्जापुर में गिरी घर की छत
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर की शहर कोतवाली क्षेत्र के छोटी गुदकरी मोहल्ले में बुधवार की सुबह में एक मकान की छत गिर गई। जिससे नीचे सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग दब गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल कर्मियों व अन्य के सहयोग से पांचों के शव निकाले। सबसे पहले दोनों पुत्र, पुत्री, पत्नी व अंत में सुबह पौने 9 बजे मकान मालिक उमाशंकर का शव बाहर निकाला गया।
शहर कोतवाली के सामने आशुतोष रंजन पुत्र शिव प्रसाद गुप्त का पुराना मकान है। मकान में कई लोग किराए पर रहते है। उमाशंकर समेत पांच लोगों का परिवार किराए पर रहता है। उमाशंकर अपने छोटे भाई दयाशंकर के परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। आगे के कमरे में दयाशंकर अपनी पत्नी व दो बच्चे के साथ और पीछे के कमरे में उमाशंकर अपनी पत्नी, दो पुत्र व एक पुत्री के साथ रह रहे थे। रात को सभी लोग सो रहे थे। सुबह में पीछे के कमरे की छत अचानक गिर गई। आगे के कमरे में दयाशंकर का परिवार बाल-बाल बच गया। पीछे के कमरे में उमाशंकर के परिवार के पांच लोग छत के मलबे में दब गए। छत गिरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
विज्ञापन
शहर कोतवाली के सामने आशुतोष रंजन पुत्र शिव प्रसाद गुप्त का पुराना मकान है। मकान में कई लोग किराए पर रहते है। उमाशंकर समेत पांच लोगों का परिवार किराए पर रहता है। उमाशंकर अपने छोटे भाई दयाशंकर के परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। आगे के कमरे में दयाशंकर अपनी पत्नी व दो बच्चे के साथ और पीछे के कमरे में उमाशंकर अपनी पत्नी, दो पुत्र व एक पुत्री के साथ रह रहे थे। रात को सभी लोग सो रहे थे। सुबह में पीछे के कमरे की छत अचानक गिर गई। आगे के कमरे में दयाशंकर का परिवार बाल-बाल बच गया। पीछे के कमरे में उमाशंकर के परिवार के पांच लोग छत के मलबे में दब गए। छत गिरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
विज्ञापन
सूचना पर पहुंची पुत्री बेहोश हो गई
- फोटो : अमर उजाला
रेस्क्यू अभियान चलाकर 22 वर्षीय शुभम, 18 वर्षीय सौरभ और 20 वर्षीय संध्या व 48 वर्षीय गुड़िया का शव बाहर निकाला गया। पौने 9 बजे 50 वर्षीय उमाशंकर का शव निकाला गया। मौके पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट विनय सिंह, सीओ सिटी प्रभात राय मौके पर मौजूद हैं। उमाशंकर की बड़ी पुत्री सपना बनारस में अपने नानी के घर रहती थी। परिवार में भी वही बची हुई है। सूचना मिलने पर पहुंची पुत्री का रो-रो कर बुरा हाल है।