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वामनवीर जी का दर्शन कर मांगी मन्नतंे
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 14 Sep 2016 12:00 AM IST
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वामन द्वादशी पर ओझला स्थित श्री वामनवीर जी के मेले में उमड़े लोग।
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वामन द्वादशी तिथि पर मंगलवार को ओझला पुल स्थित श्री वमनवीर जी का वार्षिक शृंगार पूजन एवं मेला का आयोजन किया गया। फूलों से किया गया वामनवीर जी का भव्य शृंगार देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा स्नान बाद भक्तों ने मंदिर पहुंच कर बड़े ही श्रद्धाभाव से वामनवीर जी का दर्शन-पूजन कर मंगल कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख व भगवान के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था।
दर्शन-पूजन करने के बाद दूरदराज से आए नर-नारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर अपने जरूरत की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। मंदिर परिसर में लगे मेले में लगी बांस की लकड़ी से बनी घरेलू उपयोग की वस्तुओं सहित अन्य सामानों को खरीदने भक्तों का तांता लगा रहा। मेले में खान-पान की दूकानों सहित गुड़ की जलेबी की जमकर बिक्री हुई।
मंदिर के पुजारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार के बारे में बताया। कहा कि बामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांग कर पहला पग विंध्य में रखा था। बताया कि वामन द्वादशी लघुता से विराटता का पर्व है। वार्षिक शृंगार-पूजन के अवसर पर उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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दर्शन-पूजन करने के बाद दूरदराज से आए नर-नारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर अपने जरूरत की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। मंदिर परिसर में लगे मेले में लगी बांस की लकड़ी से बनी घरेलू उपयोग की वस्तुओं सहित अन्य सामानों को खरीदने भक्तों का तांता लगा रहा। मेले में खान-पान की दूकानों सहित गुड़ की जलेबी की जमकर बिक्री हुई।
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मंदिर के पुजारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार के बारे में बताया। कहा कि बामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांग कर पहला पग विंध्य में रखा था। बताया कि वामन द्वादशी लघुता से विराटता का पर्व है। वार्षिक शृंगार-पूजन के अवसर पर उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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