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अहरौरा टोल नाका के विरोध मामले का शासन स्तर पर होगा निस्तारण
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वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग 5 ए पर वनस्थली महाविद्यालय के पास बनाए गए टोल नाका का विरोध कर रहे किसानों के मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। डीएम प्रवीण लक्षकार ने एसीपी टोलवेज के जिम्मेदारों तथा आंदोलनरत किसानों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसके बाद किसानों की जायज मांगों की पत्रावली संस्तुति के साथ तलब कर ली गई है। बताया जा रहा है कि प्रकरण मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर शासन स्तर पर इसका निस्तारण किया जाएगा।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल की डीएम संग हुई वार्ता में उन्हें वस्तुस्थिति बताई गई । प्रतिनिधिमंडल का आरोप था कि शासन में गलत तथ्यों का हवाला देकर टोल नाका बना लिया गया है। किसानों ने मांग की कि लोकल वाहनों से की जा रही वसूली बंद होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण की डीपीआर में इस टोल नाके का जिक्र तक नहीं है। मात्र 16 किमी की दूरी पर एक और टोल बनाकर राजस्व की आड़ में वाहनों से वसूली कर किसानों तथा जनसामान्य का शोषण किया जा रहा है, जो गलत है। वार्ता में मौजूद एसीपी टोलवेज के वरिष्ठ प्रबंधक नीरज चौधरी ने कहा कि राज्य मार्ग 5 ए का उपयोग कर लिंक मार्ग से निकलने वाले वाहनों के लीकेज को रोकने के लिए टोल नाका का निर्माण कराया गया है। किसानों को परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है। किसानों की मांग पर किसी भी तरह का निर्णय लेने का अधिकार शासन तथा संबंधित विभाग को है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। जिस पर संस्तुति के साथ शासन में पत्रावली तलब कर ली गई। आश्वस्त किया गया है कि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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किसानों के प्रतिनिधिमंडल की डीएम संग हुई वार्ता में उन्हें वस्तुस्थिति बताई गई । प्रतिनिधिमंडल का आरोप था कि शासन में गलत तथ्यों का हवाला देकर टोल नाका बना लिया गया है। किसानों ने मांग की कि लोकल वाहनों से की जा रही वसूली बंद होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण की डीपीआर में इस टोल नाके का जिक्र तक नहीं है। मात्र 16 किमी की दूरी पर एक और टोल बनाकर राजस्व की आड़ में वाहनों से वसूली कर किसानों तथा जनसामान्य का शोषण किया जा रहा है, जो गलत है। वार्ता में मौजूद एसीपी टोलवेज के वरिष्ठ प्रबंधक नीरज चौधरी ने कहा कि राज्य मार्ग 5 ए का उपयोग कर लिंक मार्ग से निकलने वाले वाहनों के लीकेज को रोकने के लिए टोल नाका का निर्माण कराया गया है। किसानों को परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है। किसानों की मांग पर किसी भी तरह का निर्णय लेने का अधिकार शासन तथा संबंधित विभाग को है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। जिस पर संस्तुति के साथ शासन में पत्रावली तलब कर ली गई। आश्वस्त किया गया है कि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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