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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र ने बढ़ाया मान
ब्यूरो/ मिर्जापुर/ अमर उजाला
Updated Wed, 02 Sep 2015 12:25 AM IST
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शंभूनाथ सिंह के पुत्र अमरेश सिंह ने राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होकर शिक्षा जगत में जिले का मान बढ़ाया।
वर्तमान समय में अमरेश सिंह चुनार तहसील के मीरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार दिया जाएगा।
स्नातक के बाद बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर 11 अक्तूबर 1980 को प्राथमिक विद्यालय ओबरा से शिक्षण कार्य का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने 1986 से 2011 तक राजगढ़ विकास खंड में शिक्षण कार्य किया।
वहीं 2011 से 2013 मई तक विकास खंड प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में तैनात रहे। आठ मई 2013 से अब तक बतौर प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय मीरपुर चुनार में कार्यरत हैं।
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अमरेश सिंह को वर्ष 2015 में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
अपने चयन से प्रफुल्लित अमरेश सिंह ने बताया कि शिक्षण कार्य के माध्यम से कोई भी व्यक्ति समाज सेवा कर सकता है।
शिक्षा के माध्यम से ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। शिक्षा समाज सेवा का सबसे अच्छा मार्ग है। इसके द्वारा बच्चों को अच्छी शिक्षा, संस्कार और आचरण प्रदान करना शिक्षक का मुख्य दायित्व है।
जिसका मैने पालन करने का पूरा प्रयास किया है। शिक्षा के क्षेत्र में आने के लिए मेरे पिता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंभू नाथ सिंह ने प्रेरित किया था। उनका कहना था कि बिना शिक्षा के समाज अथवा देश में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
हमारा देश विकासशील देश है और कृषि प्रधान है। यहां सीमित साधन में बेहतर शिक्षा देना आज भी एक चुनौती है।
वर्तमान समय में अमरेश सिंह चुनार तहसील के मीरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार दिया जाएगा।
स्नातक के बाद बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर 11 अक्तूबर 1980 को प्राथमिक विद्यालय ओबरा से शिक्षण कार्य का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने 1986 से 2011 तक राजगढ़ विकास खंड में शिक्षण कार्य किया।
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वहीं 2011 से 2013 मई तक विकास खंड प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में तैनात रहे। आठ मई 2013 से अब तक बतौर प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय मीरपुर चुनार में कार्यरत हैं।
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अमरेश सिंह को वर्ष 2015 में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
अपने चयन से प्रफुल्लित अमरेश सिंह ने बताया कि शिक्षण कार्य के माध्यम से कोई भी व्यक्ति समाज सेवा कर सकता है।
शिक्षा के माध्यम से ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। शिक्षा समाज सेवा का सबसे अच्छा मार्ग है। इसके द्वारा बच्चों को अच्छी शिक्षा, संस्कार और आचरण प्रदान करना शिक्षक का मुख्य दायित्व है।
जिसका मैने पालन करने का पूरा प्रयास किया है। शिक्षा के क्षेत्र में आने के लिए मेरे पिता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंभू नाथ सिंह ने प्रेरित किया था। उनका कहना था कि बिना शिक्षा के समाज अथवा देश में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
हमारा देश विकासशील देश है और कृषि प्रधान है। यहां सीमित साधन में बेहतर शिक्षा देना आज भी एक चुनौती है।