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Mirzapur News: पांच दिन से लापता श्रमिक का शव तीन किलोमीटर दूर जंगल में दफनाया मिला
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ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव के जंगल में दफनाकर मिले श्रमिक छोटकऊ कोल की फाइल फोटो । स
- फोटो : विश्वविद्यालय
ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ड्रमंडगंज के देवहट गांव में पांच दिन से लापता श्रमिक का शव घर से तीन किलोमीटर दूर जंगल में दफनाया शव मिला। जंगल में लापता छोटकऊ कोल की लाठी मिलने व दुर्गंध आने पर ग्रामीण ने गांव में आकर सूचना दी। सूचना पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने गड्ढा खोदवाकर शव को बाहर निकलवाया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
देवहट के कोल बस्ती निवासी श्रमिक छोटकऊ कोल (56) 22 जनवरी की रात फसलों की रखवाली करने घर से 300 मीटर दूर खेत पर गए थे। 23 जनवरी की सुबह से वापस नहीं लौटने पर परिजन खोजबीन करने लगे। श्रमिक का कहीं पता नही चलने पर श्रमिक के साले बसंत लाल ने 24 जनवरी को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार शाम को सजहवा बाउली जंगल की ओर गए चरवाहों ने जंगल से दुर्गंध आने पर पास जाकर देखा तो गड्ढे से दुर्गंध आ रही थी। गड्ढे के पास छोटकऊ की लाठी पड़ी थी। चरवाहों ने गांव में आकर जंगल में लाठी मिलने और गड्ढे से आ रही दुर्गंध आने के बारे बताया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन, उप निरीक्षक सुभाष यादव, पुनीत गुप्ता मौके गड्ढा को खोदवाकर देखा तो श्रमिक का शव चादर से बांधकर दफना दिया गया था। शाम सात बजे पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटना की बारीकी से जांच पड़ताल की। मृतक श्रमिक के पुत्र लवकुश कोल ने गड्ढे में मिले शव की पिता के रूप में पहचान की। शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने पर मृतक के पुत्र ने पिता की हत्या किए जाने की आशंका जताई। मृतक के पुत्र ने बताया कि पिता मेहनत मजदूरी और गांव के लोगों की बंटाई पर खेती करते थे। खेत पर फसलों की रखवाली करने गए थे, उसके बाद घर नही लौटे। श्रमिक का शव जंगल में कैसे पहुंचा रहस्य का विषय बना हुआ है। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि लापता श्रमिक का शव चादर से बांधकर देवहट गांव के जंगल में गड्ढे में दफनाया मिला।शव को गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ड्रमंडगंज के देवहट गांव में पांच दिन से लापता श्रमिक का शव घर से तीन किलोमीटर दूर जंगल में दफनाया शव मिला। जंगल में लापता छोटकऊ कोल की लाठी मिलने व दुर्गंध आने पर ग्रामीण ने गांव में आकर सूचना दी। सूचना पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने गड्ढा खोदवाकर शव को बाहर निकलवाया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
देवहट के कोल बस्ती निवासी श्रमिक छोटकऊ कोल (56) 22 जनवरी की रात फसलों की रखवाली करने घर से 300 मीटर दूर खेत पर गए थे। 23 जनवरी की सुबह से वापस नहीं लौटने पर परिजन खोजबीन करने लगे। श्रमिक का कहीं पता नही चलने पर श्रमिक के साले बसंत लाल ने 24 जनवरी को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार शाम को सजहवा बाउली जंगल की ओर गए चरवाहों ने जंगल से दुर्गंध आने पर पास जाकर देखा तो गड्ढे से दुर्गंध आ रही थी। गड्ढे के पास छोटकऊ की लाठी पड़ी थी। चरवाहों ने गांव में आकर जंगल में लाठी मिलने और गड्ढे से आ रही दुर्गंध आने के बारे बताया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन, उप निरीक्षक सुभाष यादव, पुनीत गुप्ता मौके गड्ढा को खोदवाकर देखा तो श्रमिक का शव चादर से बांधकर दफना दिया गया था। शाम सात बजे पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटना की बारीकी से जांच पड़ताल की। मृतक श्रमिक के पुत्र लवकुश कोल ने गड्ढे में मिले शव की पिता के रूप में पहचान की। शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने पर मृतक के पुत्र ने पिता की हत्या किए जाने की आशंका जताई। मृतक के पुत्र ने बताया कि पिता मेहनत मजदूरी और गांव के लोगों की बंटाई पर खेती करते थे। खेत पर फसलों की रखवाली करने गए थे, उसके बाद घर नही लौटे। श्रमिक का शव जंगल में कैसे पहुंचा रहस्य का विषय बना हुआ है। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि लापता श्रमिक का शव चादर से बांधकर देवहट गांव के जंगल में गड्ढे में दफनाया मिला।शव को गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।
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