मिर्जापुर। जिले में शासन के निर्देश पर गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। अभी तक इस संबंध में किसी मदरसे को चिन्हित नहीं किया गया है।
जिले में वर्तमान में 375 मदरसों को मान्यता दी गई है और वे प्रदेश सरकार के गाइडलाइन के अनुसार मदरसों का संचालन कर रहे हैं। इसमें पांच अनुदानित मदरसे भी शामिल हैं। इन मदरसों में तकरीबन पांच हजार से लेकर सात हजार बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं दिलाने का प्रयास कर रही है। इसलिए वह ऐसे मदरसों का सर्वे करा रही है, जिन्होंने मान्यता नहीं लिया है और ना ही वे शासन से किसी प्रकार की सहायता लेते हैं। ऐसे मदरसों का सत्यापन करके उनमें बिजली- पानी, बैठने का स्थान, फर्निचर, शौचालय व अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह पता लग सके कि उनको किन-किन चीजों की आवश्यकता हो सकती है। फिलहाल अभी इस प्रकार के किसी मदरसे को चिन्हित नहीं किया जा सका है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने बताया कि अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों के पास बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और वे आधुनिक शिक्षा प्रणाली के तहत मदरसों का संचालन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सत्यापन के लिए विभाग के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी भी लगे हुए हैं ताकि शीघ्र ही ऐसे मदरसों का पता लगाया जा सके।