फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Still no water costs 3,200 crore

3200 करोड़ खर्च फिर भी पानी नहीं

Sun, 12 Jun 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर Updated Sun, 12 Jun 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
Still no water costs 3,200 crore
डैम में स्थिर पानी - फोटो : amar ujala
प्रदेश की बाणसागर परियोजना पर 32 सौ करोड़  खर्च होने के बाद भी परियोजना तिल तिल कर आगे बढ़ रही है।   किसानों को नहर निर्माण में हो  रही देरी समझ में नहीं आ रही है क्योंकि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार के समझौते से बन रही इस  नहर  से दो प्रांतों के किसानों  को  पानी मिलने लगा है।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और इलाहाबाद के किसान बाणसागर नहर के  पानी से वंचित है वह भी तब जब अकेले प्रदेश सरकार का बजट 3200 करोड़ खर्च होने के कगार पर है। 
विज्ञापन



किसानों का सीधे आरोप है कि नहर निर्माण में देरी का कारण अधिकारियो और ठेकेदारों की मिलीभगत है। जिससे यह परियोजना चलती रहे और अफसरों को लूटने का मौका मिलता रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बाणसागर परियोजना के निर्माण में धीमी प्रगति के कारण किसान कई सवाल खडे़ कर रहे हैं। 14 मई 1978 के नहर शिलान्यास के अवसर पर तीनों प्रांत के नहर का खर्च मात्र 322.30 करोड़ था लेकिन जैसे जैसे समय बितता गया नहर निर्माण के बजट बदलते रहे। जिसका नतीजा आज यह है कि अकेले प्रदेश का बजट 3200 करोड़ रुपया परियोजना पर खर्च होने के बाद भी किसानों को नहर से पानी नहीं मिल रहा है।

वहीं बिहार और मध्यप्रदेश के किसान बाणसागर नहर का पूरा फायदा उठा रहे हैं।

 
उत्तर प्रदेश के ठेकेदार और बाणसागर के अधिकारियों की मिलीभगत की लापरवाही ने किसानों को बाणसागर के पानी से वंचित कर रखा है। नहर निर्माण की लापरवाही का आलम ये है कि ठेकेदारों और बाणसागर अधिकारियों ने लालफीताशाही पर उतर आए हैं।


नजारा देखना हो तो लालगंज ब्लाक के तेंदुआ गांव के पास मेजा जरगो लिंक नहर के आधे अधूरे  ले आउट साफ बयां कर रहा हैं। ऐसा लगता है कि बाणसागर परियोजना लोट लोट चल रही है जो किसानों के सीने पर दबाव बना रही है। किसानों का आरोप है कि गुणवत्ता के मामले में नहर कांप  रही है।


लोकल बालू और सामग्री तेजी से प्रयोग किया जा रहा है। किसान नेता जगदीश सिंह ने कहा कि बाणसागर नहर परियोजना की जांच होनी चाहिए। भाजपा के नेता जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि समय आ गया बाणसागर नहर की गुणवत्ता से खेलने वाले कार्यदायी संस्था पर कार्यवाही की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed