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रोशनी से नहा उठा आसमान
mirzapur
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:19 AM IST
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गुरूद्वारा में भजन प्रस्तुत करतीं गुरूनानक गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं ।
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नगर के रतनगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में गुरुवार को श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 350 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारे पहुंचे सिख समाज के लोगाें ने गुरुग्रंथ साहिब के आगे शीश झुका कर हाजिरी लगाई। कार्यक्रम के तहत गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन एवं अटूट लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सिख समाज सहित सर्वसमाज के नर-नारियों व बच्चों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
गुरुद्वारा परिसर में श्री गुरुग्रंथ साहिब पालकी को फूलों से सजाया गया था, जो एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में एक जनवरी से रविंद्र सिंह की तरफ से शुरू हुए अखंड पाठ का समापन तीन को तथा दूसरा अखंड पाठ सुरेंद्र पाल सिंह खुराना की तरफ से शुरू हुआ, जो पंाच जनवरी को समाप्त हुआ। गुरुद्वारे के हजूरी रागी जत्था ज्ञानी अजमेर सिंह जी के जत्थे ने शबद-कीर्तन किया। रागी जत्था- वाह वाह गुरु गोविंद सिंह आपे गुरु चेला..तथा रागी जत्था ज्ञानी त्रिलोक सिंह ने- खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में मैं करूं निवास..प्रस्तुत कर संगतों को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारा के अध्यक्ष गुरमिंदर सिंह सरना उर्फ बल्लू ने सभी को प्रकाशोत्सव पर बधाई देते हुए श्री गुरु गोविद सिंह जी महाराज के आदर्शों पर चलने का आहवान किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष जसवीर सिंह मोंगा ने कहा कि गुरु जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने पूरे परिवार को न्योछावर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को सरोपा भेंट किया गया, वहीं अटूट लंगर में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारे में रात 10 बजे कीर्तन उपरांत जमकर आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा आसमान रोशनी से नहा उठा। इस दौरान अमरीक सिंह, करमजीत सिंह, इंदरप्रीत सिंह, अवनीत सिंह, राज सिंह, सोनू, रघुवीर सिंह, दलीप सिंह, दलजीत सिंह, हरदयाल सिंह, नामधारी, करनप्रीत सिंह, जगजीत सिंह मोंगा, मनिंद्र सिंह, हरसिमरन सिंह, गुरदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, हरवंश सिंह, अमरजीत सिंह, राजा सिंह, जसवंत कौर समेत सिख समाज के लोग मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा परिसर में श्री गुरुग्रंथ साहिब पालकी को फूलों से सजाया गया था, जो एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में एक जनवरी से रविंद्र सिंह की तरफ से शुरू हुए अखंड पाठ का समापन तीन को तथा दूसरा अखंड पाठ सुरेंद्र पाल सिंह खुराना की तरफ से शुरू हुआ, जो पंाच जनवरी को समाप्त हुआ। गुरुद्वारे के हजूरी रागी जत्था ज्ञानी अजमेर सिंह जी के जत्थे ने शबद-कीर्तन किया। रागी जत्था- वाह वाह गुरु गोविंद सिंह आपे गुरु चेला..तथा रागी जत्था ज्ञानी त्रिलोक सिंह ने- खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में मैं करूं निवास..प्रस्तुत कर संगतों को निहाल कर दिया।
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गुरुद्वारा के अध्यक्ष गुरमिंदर सिंह सरना उर्फ बल्लू ने सभी को प्रकाशोत्सव पर बधाई देते हुए श्री गुरु गोविद सिंह जी महाराज के आदर्शों पर चलने का आहवान किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष जसवीर सिंह मोंगा ने कहा कि गुरु जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने पूरे परिवार को न्योछावर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को सरोपा भेंट किया गया, वहीं अटूट लंगर में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारे में रात 10 बजे कीर्तन उपरांत जमकर आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा आसमान रोशनी से नहा उठा। इस दौरान अमरीक सिंह, करमजीत सिंह, इंदरप्रीत सिंह, अवनीत सिंह, राज सिंह, सोनू, रघुवीर सिंह, दलीप सिंह, दलजीत सिंह, हरदयाल सिंह, नामधारी, करनप्रीत सिंह, जगजीत सिंह मोंगा, मनिंद्र सिंह, हरसिमरन सिंह, गुरदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, हरवंश सिंह, अमरजीत सिंह, राजा सिंह, जसवंत कौर समेत सिख समाज के लोग मौजूद रहे।
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