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एससीएसटी मामले में सात को तीन वर्ष की कैद
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मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के बड़गड़ा गांव में मारपीट और एससीएसटी एक्ट मामले की सुनवाई की। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट बलजोर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को दोष सिद्ध होने पर 17 वर्ष बाद सात लोगों को तीन वर्ष का कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
लालगंज के बड़गड़ा गांव निवासी भैरोलाल ने 17 जुलाई 2005 को थाने में तहरीर देकर बताया कि सुबह सात बजे विपक्षी घर पर आकर गाली देने लगे। सभी लोग लाठी, डंडा, कटवासा, बरछा लेकर आए थे। पूरे परिवार को दौड़ा-दौड़ा कर मारने लगे। इसमें दो महिला अनार कली पत्नी भैरोलाल, गुलाबी पत्नी मुसई, वकील, राकेश, मुसई आदि गंभीर रुप से घायल हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने घायलों को मेडिकल कराकर विपक्षियों पर मारपीट और एससीएसटी का मुकदमा दर्ज किया। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन अधिकारी अजय कुमार यादव व विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार ने 10 गवाहों का न्यायालय में बयान दिलाया और जरुरी साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील अदालत से की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट बलजोर सिंह की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर सात लोगों लालजी, रामजी, रामनिहोर, पिंटू उर्फ परमेश्वर, रामगोपाल, उदई और वसियार को अलग-अलग धाराओं में तीन वर्ष की कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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लालगंज के बड़गड़ा गांव निवासी भैरोलाल ने 17 जुलाई 2005 को थाने में तहरीर देकर बताया कि सुबह सात बजे विपक्षी घर पर आकर गाली देने लगे। सभी लोग लाठी, डंडा, कटवासा, बरछा लेकर आए थे। पूरे परिवार को दौड़ा-दौड़ा कर मारने लगे। इसमें दो महिला अनार कली पत्नी भैरोलाल, गुलाबी पत्नी मुसई, वकील, राकेश, मुसई आदि गंभीर रुप से घायल हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने घायलों को मेडिकल कराकर विपक्षियों पर मारपीट और एससीएसटी का मुकदमा दर्ज किया। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन अधिकारी अजय कुमार यादव व विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार ने 10 गवाहों का न्यायालय में बयान दिलाया और जरुरी साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील अदालत से की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट बलजोर सिंह की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर सात लोगों लालजी, रामजी, रामनिहोर, पिंटू उर्फ परमेश्वर, रामगोपाल, उदई और वसियार को अलग-अलग धाराओं में तीन वर्ष की कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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