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Mirzapur News: स्कूल का 72 लाख से बना भवन 1.5 साल बाद भी हैंडओवर नहीं
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लालगंज स्थित नवीन राजकीय हाईस्कूल, संवाद
लालगंज। लहंगपुर स्थित नवीन राजकीय हाईस्कूल की छात्राओं के लिए 72 लाख रुपये की लागत से बना भवन डेढ़ साल भी हैंडओवर नहीं किया जा सका है।
इसके कारण छात्राओं को जूनियर हाईस्कूल के भवन में पढ़ाया जा रहा है। इसके चलते छात्राओं को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नवीन भवन तैयार होने के बाद भी उसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। दिसंबर 2024 में तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन ने भवन का निरीक्षण किया था। बावजूद डेढ़ साल बाद भी भवन छात्राओं को उपलब्ध नहीं हो सका है।
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी हाईस्कूल की छात्राओं को मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं के लिए दूसरे भवन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रधानाचार्य डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि नवीन राजकीय हाईस्कूल भवन में सीपेज की समस्या है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भवन के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को तीन बार पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद भी भवन हैंडओवर नहीं हुआ है। हाईस्कूल की कक्षाएं पुराने परिसर में ही चल रही हैं। नया भवन उपयोग के इंतजार में है, वहीं छात्राओं को सीमित जगह में पढ़ना पड़ रहा है। जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल दोनों के संचालन में परेशानी है।
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इसके कारण छात्राओं को जूनियर हाईस्कूल के भवन में पढ़ाया जा रहा है। इसके चलते छात्राओं को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नवीन भवन तैयार होने के बाद भी उसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। दिसंबर 2024 में तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन ने भवन का निरीक्षण किया था। बावजूद डेढ़ साल बाद भी भवन छात्राओं को उपलब्ध नहीं हो सका है।
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी हाईस्कूल की छात्राओं को मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं के लिए दूसरे भवन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रधानाचार्य डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि नवीन राजकीय हाईस्कूल भवन में सीपेज की समस्या है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भवन के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को तीन बार पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद भी भवन हैंडओवर नहीं हुआ है। हाईस्कूल की कक्षाएं पुराने परिसर में ही चल रही हैं। नया भवन उपयोग के इंतजार में है, वहीं छात्राओं को सीमित जगह में पढ़ना पड़ रहा है। जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल दोनों के संचालन में परेशानी है।
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