पेयजल के लिए मचा हाहाकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वहीं नदी-नाले, तालाब व कूपों के सूख जाने से मवेशियों की भी प्यास नहीं बुझ पा रही है। हलिया विकास खंड के 254 गांवों में मात्र सात टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। गांवों में पेयजल टैंकरों की आपूर्ति जल निगम, जिला पंचायत एवं ग्राम प्रधान द्वारा गौरवा में पानी की टंकी आपूर्ति की जाती है, जबकि हलिया विकास खंड जिले का सबसे पिछड़ा व पहाड़ी इलाका है। मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के बार्डर पर बसे अधिकांश गांव पहाड़ी क्षेत्र के हैं।
लहुरिया दह में बारिश के अलावा हर मौसम में पेयजल की समस्या बनी रहती है। इस गांव की आबादी करीब दो हजार है, लेकिन यहां मात्र तीन पानी के टैंकर लगाए गए हैं। टैंकर से पानी की आपूर्ति दिन में दो बार में की जाती है। कहने को तो लहुरिया दह में आधा दर्जन हैंडपंप लगवाए गए हैं, लेकिन जलस्तर करीब 500 फीट नीचे जाने से सभी हैंडपंप भी पानी छोड़ दिया है। मिर्जापुर-रीवां मार्ग से सटे पहाड़ बसे इस गांव में पेयजल के लिए हायतौबा मची हुई है। प्रचंड गर्मी में नदी-नाले, तालाब व कूपों के सूख जाने से मवेशियों की भी प्यास नहीं बुझ पा रही है, जिसको लेकर पशुपालक भी परेशान हैं।