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UP Crime: अतरैला टोल प्लाजा पर छापा मारकर STF ने चार कर्मचारियों को दबोचा, फर्जी रसीद बना कर करते थे वसूली
Thu, 23 Jan 2025 09:05 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 09:05 AM IST
सार
Mirzapur Latest News : एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। मिर्जापुर के लालगंज अतरैला टोल प्लाजा पर करोड़ों का घोटाला करने के मामले में चार आरोपियों को पकड़ा गया है।
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एसटीएफ टीम के साथ पकड़े गए चार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीफ) की लखनऊ इकाई ने देश और उत्तर प्रदेश के 42 टोल प्लाजा से टैक्स वसूलने में 120 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया है। मामले में मंगलवार की रात मिर्जापुर के लालगंज स्थित अतरैला टोल प्लाजा पर छापा मारकर चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ के इंस्पेक्टर दीपक सिंह ने तहरीर देकर लालगंज थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसटीएफ ने आरोपियों को लालगंज थाने की पुलिस के हवाले कर दिया।
एसटीएफ के मुताबिक, कुछ टोलकर्मियों ने सॉफ्टवेयर हैक करके घोटाला किया है। टोलकर्मी 100 रुपये शुल्क वसूलते थे, लेकिन बैंक खाते में 90 रुपये ही जाते थे। दस रुपये टोलकर्मियों के खाते में चले जाते थे। जो गाड़ियां बिना टोल के निकाली जाती थीं, उनकी फर्जी रसीद बनाकर दी जाती थी। एसटीएफ की सरकारी गाड़ी की भी फर्जी रसीद बनाई गई और 220 रुपये वसूले गए। इस मामले में एनएचएआई के अफसरों और कर्मियों की भूमिका सामने आई है। जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है।
आरोपियों के मुताबिक अतरैला टोल प्लाजा से ही रोजाना 40 से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली की जाती है। इसका बंटवारा कंपनी, एनएचएआई के अफसर-कर्मचारी और टोलकर्मियों में होता था। मामले में गोरखपुर के पीपीगंज स्थित नयनसर टोल प्लाजा से भी लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
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एसटीएफ के मुताबिक, कुछ टोलकर्मियों ने सॉफ्टवेयर हैक करके घोटाला किया है। टोलकर्मी 100 रुपये शुल्क वसूलते थे, लेकिन बैंक खाते में 90 रुपये ही जाते थे। दस रुपये टोलकर्मियों के खाते में चले जाते थे। जो गाड़ियां बिना टोल के निकाली जाती थीं, उनकी फर्जी रसीद बनाकर दी जाती थी। एसटीएफ की सरकारी गाड़ी की भी फर्जी रसीद बनाई गई और 220 रुपये वसूले गए। इस मामले में एनएचएआई के अफसरों और कर्मियों की भूमिका सामने आई है। जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है।
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आरोपियों के मुताबिक अतरैला टोल प्लाजा से ही रोजाना 40 से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली की जाती है। इसका बंटवारा कंपनी, एनएचएआई के अफसर-कर्मचारी और टोलकर्मियों में होता था। मामले में गोरखपुर के पीपीगंज स्थित नयनसर टोल प्लाजा से भी लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
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शिकायत मिलने पर एसटीएफ की टीम ने मारा छापा
टोल टैक्स वसूली में अनियमितता की शिकायत मिलने पर एसटीएफ लखनऊ के इंस्पेक्टर दीपक सिंह के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार की देर रात अतरैला टोल प्लाजा पर छापा मारा। जांच में पता चला कि टोल प्लाजा पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से टैक्स कलेक्शन की वास्तविक राशि छिपाई जा रही थी।
इसी आधार पर एसटीएफ ने अतरैला टोल प्लाजा के कर्मचारी और जौनपुर के फरीदाबाद सिद्धिकपुर सराय ख्वाजा निवासी आलोक कुमार सिंह, प्रयागराज के परानीपुर मेजा यमुनानगर निवासी राजू मिश्रा, मध्य प्रदेश के सीधी मझौली कचवर निवासी मनीष मिश्रा को गिरफ्तार किया।
ज्ञानपुर भदोही निवासी चौथा आरोपी पंकज शुक्ला मौके पर नहीं मिला। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ ने चारों के खिलाफ लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसटीएफ ने अपनी तहरीर में देश और यूपी के 42 टोल प्लाजा से दो साल में 120 करोड़ रुपये गबन का जिक्र किया है।
क्या बोले अधिकारी
सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोल प्लाजा पर होने वाली वसूली कम दिखाई जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है। एसटीएफ ने अभी 120 करोड़ रुपये के घोटाले का अनुमान लगाया है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। - ओपी सिंह, एएसपी ऑपरेशन
इसी आधार पर एसटीएफ ने अतरैला टोल प्लाजा के कर्मचारी और जौनपुर के फरीदाबाद सिद्धिकपुर सराय ख्वाजा निवासी आलोक कुमार सिंह, प्रयागराज के परानीपुर मेजा यमुनानगर निवासी राजू मिश्रा, मध्य प्रदेश के सीधी मझौली कचवर निवासी मनीष मिश्रा को गिरफ्तार किया।
ज्ञानपुर भदोही निवासी चौथा आरोपी पंकज शुक्ला मौके पर नहीं मिला। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ ने चारों के खिलाफ लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसटीएफ ने अपनी तहरीर में देश और यूपी के 42 टोल प्लाजा से दो साल में 120 करोड़ रुपये गबन का जिक्र किया है।
क्या बोले अधिकारी
सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोल प्लाजा पर होने वाली वसूली कम दिखाई जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है। एसटीएफ ने अभी 120 करोड़ रुपये के घोटाले का अनुमान लगाया है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। - ओपी सिंह, एएसपी ऑपरेशन