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Mirzapur News: 15.58 करोड़ रुपये के एरियर घोटाले में 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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मिर्जापुर। सिंचाई विभाग में 15.58 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद भी पुलिस के हाथ आरोपितों तक नहीं पहुंच सके हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के 12 दिन बाद भी निलंबित लिपिक जितेंद्र कुमार और अज्ञात व्यक्ति का सुराग नहीं मिल सका है।
उधर, बैंक रिकॉर्ड खंगालने के बाद विभाग ने मंगलवार को एक लिपिक समेत 17 लोगों के नाम शामिल करते हुए शहर कोतवाली में नई तहरीर दी है।
ऑडिट में एक ही कर्मचारी को दो-दो और तीन-तीन बार भुगतान किए जाने का खुलासा होने से एरियर भुगतान की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। प्रयागराज की महालेखाकार की ऑडिट टीम वर्ष 2016 से 2026 के बीच हुए भुगतान और कार्यों का ब्योरा खंगाल रही है। मिर्जापुर नहर प्रखंड, नलकूप और लघु डाल नहर प्रखंड के पुराने अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। भुगतान संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले सहायकों, अवर अभियंताओं और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
उधर, ऑडिट जांच में मिर्जापुर नहर प्रखंड में 344 लोगों के नाम पर 15 करोड़ 58 लाख 61 हजार पांच रुपये एरियर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ रकम फर्जी नामों पर भी भेजी गई। जांच में एक कर्मचारी को मई में 3,87,004 रुपये और जून में 4,95,516 रुपये दिए जाने का मामला सामने आया। दूसरे कर्मचारी के खाते में फरवरी में 5,66,550 रुपये और मार्च में 5,44,508 रुपये भेजे गए। इसी तरह, एक अन्य कर्मचारी के खाते में अगस्त में दो बार 14,93,698 रुपये और 15,70,710 रुपये जमा किए गए। अन्य कर्मचारियों के खातों में भी दो-दो और तीन-तीन बार भुगतान किए जाने की जानकारी मिली है। इन लेनदेन की जांच के साथ भुगतान से जुड़े अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है।
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मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने 18 अक्तूबर को निलंबित लिपिक जितेंद्र कुमार और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित कार्यालयों में पूछताछ की और आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। शनिवार को पुलिस टीम लघु डाल नहर प्रखंड कार्यालय पहुंची और अधिशासी अभियंता राजाराम से पूछताछ की। इसके बावजूद अब तक आरोपितों का पता नहीं चल सका है। बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद 17 लोगों के नाम से दी गई नई तहरीर से जांच का दायरा बढ़ गया है। अब भुगतान पाने वालों और संबंधित अभिलेखों की जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा ने बताया कि सिंचाई विभाग से मिली तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपित लिपिक और अज्ञात व्यक्तियों की तलाश जारी है।
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उधर, बैंक रिकॉर्ड खंगालने के बाद विभाग ने मंगलवार को एक लिपिक समेत 17 लोगों के नाम शामिल करते हुए शहर कोतवाली में नई तहरीर दी है।
ऑडिट में एक ही कर्मचारी को दो-दो और तीन-तीन बार भुगतान किए जाने का खुलासा होने से एरियर भुगतान की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। प्रयागराज की महालेखाकार की ऑडिट टीम वर्ष 2016 से 2026 के बीच हुए भुगतान और कार्यों का ब्योरा खंगाल रही है। मिर्जापुर नहर प्रखंड, नलकूप और लघु डाल नहर प्रखंड के पुराने अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। भुगतान संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले सहायकों, अवर अभियंताओं और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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उधर, ऑडिट जांच में मिर्जापुर नहर प्रखंड में 344 लोगों के नाम पर 15 करोड़ 58 लाख 61 हजार पांच रुपये एरियर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ रकम फर्जी नामों पर भी भेजी गई। जांच में एक कर्मचारी को मई में 3,87,004 रुपये और जून में 4,95,516 रुपये दिए जाने का मामला सामने आया। दूसरे कर्मचारी के खाते में फरवरी में 5,66,550 रुपये और मार्च में 5,44,508 रुपये भेजे गए। इसी तरह, एक अन्य कर्मचारी के खाते में अगस्त में दो बार 14,93,698 रुपये और 15,70,710 रुपये जमा किए गए। अन्य कर्मचारियों के खातों में भी दो-दो और तीन-तीन बार भुगतान किए जाने की जानकारी मिली है। इन लेनदेन की जांच के साथ भुगतान से जुड़े अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है।
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मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने 18 अक्तूबर को निलंबित लिपिक जितेंद्र कुमार और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित कार्यालयों में पूछताछ की और आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। शनिवार को पुलिस टीम लघु डाल नहर प्रखंड कार्यालय पहुंची और अधिशासी अभियंता राजाराम से पूछताछ की। इसके बावजूद अब तक आरोपितों का पता नहीं चल सका है। बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद 17 लोगों के नाम से दी गई नई तहरीर से जांच का दायरा बढ़ गया है। अब भुगतान पाने वालों और संबंधित अभिलेखों की जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा ने बताया कि सिंचाई विभाग से मिली तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपित लिपिक और अज्ञात व्यक्तियों की तलाश जारी है।