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Mirzapur News: दो साल में 60 प्रतिशत बढ़े विंध्य त्रिकोण के दर्शनार्थी, 2025 में पहुंचे थे 1.84 करोड़ श्रद्धालु

Mon, 19 Oct 2026 01:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:49 AM IST
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Number of visitors to the Vindhya Trikon increased by 60 percent over two years; 18.4 million pilgrims arrived in 2025.
पिछले साल मां विंध्यवासिनी मंदिर व विंध्य कॉरिडोर का अवलोकन करते विदेशी पर्यटक।-(फाइल फोटो)
-विंध्यवासिनी धाम में अगस्त 2026 तक 90 लाख ने किए दर्शन, शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनेगा विंध्याचल
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विंध्याचल, मिर्जापुर। विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का तेजी से विस्तार हो रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2025 में करीब 1.84 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वर्ष 2023 में यह संख्या लगभग 1.15 करोड़ थी। इस तरह दो वर्षों में दर्शनार्थियों की संख्या में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ते भक्तों के बीच विंध्य त्रिकोण परिक्रमा धार्मिक पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है।
मां विंध्यवासिनी के धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में 73 लाख, 2024 में 78.15 लाख और 2025 में लगभग 1.20 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं, जनवरी से अगस्त 2026 तक करीब 90 लाख श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके थे। शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद से यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
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काली खोह और अष्टभुजा में भी बढ़ी भीड़
मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में भी दर्शनार्थियों की संख्या में तेजी आई है। वर्ष 2023 में दोनों मंदिरों में करीब 42.36 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर लगभग 64 लाख हो गई। विंध्य त्रिकोण परिक्रमा के तहत श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा के दर्शन करते हैं।
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208 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य
विंध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के विकास पर करीब 208.09 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें संपर्क मार्गों, परिक्रमा पथ, मंदिर परिसर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। वहीं, त्रिकोण परिक्रमा योजना के तहत मां काली खोह क्षेत्र के विकास के लिए 35.50 करोड़ रुपये की परियोजना अक्तूबर में निविदा प्रक्रिया तक पहुंच गई।


पर्यटन मंत्री बोले, शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनेगा विंध्याचल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विंध्याचल को संपूर्ण शक्ति पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। विंध्याचल प्रदेश के विस्तारित शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं को जोड़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यूपी राज्य पर्यटन विकास निगम ने भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो विशेष पैकेज शुरू किए हैं। इनमें वाराणसी-विंध्याचल के दो दिन और एक रात के पैकेज के साथ लखनऊ, वाराणसी, विंध्याचल और प्रयागराज को जोड़ने वाला तीन दिन का पैकेज शामिल है। इससे होटल, परिवहन, खानपान और प्रसाद कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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