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अब दाल-रोटी भी खाना हुआ मंहगा
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:27 AM IST
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मेन्यू के हिसाब से मिलेगा खाना
- फोटो : Demo
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अब दाल-रोटी भी खाना मंहगा हो गया है। एक माह के अंदर अरहर के दाल में प्रति किलो 40 रुपये की बढ़ोत्तरी होने से जहां गृहणियों के रसोई का बजट गड़बड़ा गया है, वहीं दूसरी ओर भोजन का जायका ही बिगड़ गया है। दुकानदारों का मानना है कि दाल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण पैदावार में भारी कमी है, वहीं गृहणियों का कहना है कि भोजन का जायका बिगड़ गया है।
एक महीने के अंदर अरहर सहित कई अन्य किस्म के दाल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने का असर गृहणियों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। दाम में भारी इजाफा होने से जहां एक ओर आमजनों की थाली से दाल गायब हो गया है, वहीं इसके बिक्री पर भी काफी असर दिखाई देने लगा है। पहले जहां लोग किलो दो किलो के हिसाब से दाल की खरीदारी करते थे, वहीं अब लोग भोजन का जायका बरकरार रखने के लिए अपने बजट के अनुसार ग्राम के हिसाब से दाल खरीदने लगे हैं।
नगर के महुवरिया निवासी दाल विक्रेता संतोष कुमार गुप्त ने बताया कि एक महीने में दाल की कीमत में प्रति किलो करीब 40 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है, जिससे दाल की बिक्री भी कम हो गई है। नगर के सत्ती रोड की गृहणी पूजा तिवारी एवं वासलीगंज निवासी गृहणी रोशनी सिंह ने बताया कि दाल के दाम में बढ़ोत्तरी होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है, वहीं धौरुपुर निवासी गृहणी रेखा पटेल एवं महुवरिया निवासी सरिता एवं कंचन ने बताया कि जो दाल पहले एक व दो किलो खरीदी जाती थी, अब वही ग्राम के हिसाब से खरीद रहे हैं। लालडिग्गी निवासी गृहणी पूनम अग्रहरि ने बताया कि बिना दाल के भोजन का स्वाद नहीं बनता, इसलिए दाल चाहे जितना मंहगा हो जाए खरीदा तो जाएगा ही।
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एक महीने के अंदर अरहर सहित कई अन्य किस्म के दाल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने का असर गृहणियों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। दाम में भारी इजाफा होने से जहां एक ओर आमजनों की थाली से दाल गायब हो गया है, वहीं इसके बिक्री पर भी काफी असर दिखाई देने लगा है। पहले जहां लोग किलो दो किलो के हिसाब से दाल की खरीदारी करते थे, वहीं अब लोग भोजन का जायका बरकरार रखने के लिए अपने बजट के अनुसार ग्राम के हिसाब से दाल खरीदने लगे हैं।
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नगर के महुवरिया निवासी दाल विक्रेता संतोष कुमार गुप्त ने बताया कि एक महीने में दाल की कीमत में प्रति किलो करीब 40 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है, जिससे दाल की बिक्री भी कम हो गई है। नगर के सत्ती रोड की गृहणी पूजा तिवारी एवं वासलीगंज निवासी गृहणी रोशनी सिंह ने बताया कि दाल के दाम में बढ़ोत्तरी होने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है, वहीं धौरुपुर निवासी गृहणी रेखा पटेल एवं महुवरिया निवासी सरिता एवं कंचन ने बताया कि जो दाल पहले एक व दो किलो खरीदी जाती थी, अब वही ग्राम के हिसाब से खरीद रहे हैं। लालडिग्गी निवासी गृहणी पूनम अग्रहरि ने बताया कि बिना दाल के भोजन का स्वाद नहीं बनता, इसलिए दाल चाहे जितना मंहगा हो जाए खरीदा तो जाएगा ही।
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