मिर्जापुर। विंध्याचल के अमरावती चौराहा पर स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण के दौरान बिना डिग्री के एलोपैथी विधि से उपचार करने वाले झोलाछाप को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बड़ी बात की छापेमारी में एलोपैथी से इलाज करने वाले झोलाछाप ने खुद को आयुर्वेद का डाक्टर बताते हुए डिग्री होने की बात कही, पर आयुर्वेद विभाग में भी उसका रजिस्ट्रेशन नहीं है। जवाब न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप के खिलाफ मेडिकल संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराएगा।
शिवपुर निवासी राम गोपाल की शिकायत पर सीएमओ डा. पीडी गुप्ता के निर्देश पर झोलाछाप के नोडल डा. गुलाब वर्मा ने टीम के साथ 26 मई को विंध्याचल के अमरावती स्थित एक क्लीनिक पर छापा मारा तो वहां झोलाछाप एलोपैथी से इलाज करते पाए गए। वहां पैड पर तीन डाक्टर का नाम लिखा था, पर क्लीनिक पर कोई और डाक्टर नहीं था। न ही उस नाम के डाक्टर का रजिस्ट्रेशन सीएमओ कार्यालय में था। झोलाछाप के नोडल ने बताया कि छापा के दौरान झोलाछाप ऐलोपैथी से उपचार करता पाया गया था। पूछने पर बताया कि आयुर्वेद की डिग्री है। उसका आयुर्वेद में भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। उसके पैड पर तीन डाक्टर का नाम है। इसमें एक उसका पुत्र है जो अभी बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा है। एक जून को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। एक-दो दिन में डिग्री और रजिस्ट्रेशन का प्रमाण प्रस्तुत न करने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।