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Mirzapur News: अष्टमी पर महागौरी के स्वरूप में हुई मां विंध्यवासिनी की आराधना
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विंध्याचल। चैत्र नवरात्र की अष्टमी को विंध्य धाम में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रही। शनिवार को मां विंध्यवासिनी ने महागौरी के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। देर शाम तक करीब तीन लाख देवी भक्तों ने माता के दर्शन किए।
मंगला आरती से पहले ही मंदिर के बाहर भक्तों की कतारें लग गई थीं। मां विंध्यवासिनी की आरती और शृंगार के बाद पट खुलते ही शंख, नगाड़े और घंटे की गूंज के बीच पहाड़ा वाली के जयकारे गूंजने लगे।
आधी रात से लगी कतारें टूटने का नाम नहीं ले रही थीं। दोपहर में आरती के बाद भीड़ से थोड़ी राहत मिली। लेकिन दिन ढलते से फिर से रेला उमड़ पड़ा। डीएम प्रियंका रंजन ने बताया कि देर रात तक करीब तीन लाख भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।
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वहीं, त्रिकोण मार्ग पर अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान मां काली और माता अष्टभुजी देवी के मंदिर में भी लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के साथ श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
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मंगला आरती से पहले ही मंदिर के बाहर भक्तों की कतारें लग गई थीं। मां विंध्यवासिनी की आरती और शृंगार के बाद पट खुलते ही शंख, नगाड़े और घंटे की गूंज के बीच पहाड़ा वाली के जयकारे गूंजने लगे।
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आधी रात से लगी कतारें टूटने का नाम नहीं ले रही थीं। दोपहर में आरती के बाद भीड़ से थोड़ी राहत मिली। लेकिन दिन ढलते से फिर से रेला उमड़ पड़ा। डीएम प्रियंका रंजन ने बताया कि देर रात तक करीब तीन लाख भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।
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वहीं, त्रिकोण मार्ग पर अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान मां काली और माता अष्टभुजी देवी के मंदिर में भी लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के साथ श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।