{"_id":"60f5b97a8ebc3e834027da84","slug":"mirzapur-crowd-of-devotees-gathered-in-sheetla-temple-did-darshan-worship-mirzapur-news-vns6013737118","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिर्जापुर: शीतला मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, किया दर्शन-पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिर्जापुर: शीतला मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, किया दर्शन-पूजन
विज्ञापन
जिगना। आषाढ़ मास के अंतिम सोमवार को डेरवा स्थित दुलारो माता तथा विजयपुर स्थित बड़ी माता शीतला मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही। चिलचिलाती धूप में भक्तों ने हलुआ पूड़ी तैयार कर माता को भोग लगाया। मां का दर्शन पूजन के साथ ही कईयों ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया गया।
लगभग दो किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले मेले में भक्तों व बच्चों ने जम कर लुफ्त उठाया। मेलाक्षेत्र में दर्शनार्थियों को पेयजल व जाम के झाम से जूझना पड़ा। भक्तों की भीड को देखते हुए मंदिर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
हलिया: अंतिम सोमवार को गड़बड़ा धाम स्थित मां शीतला के दरबार में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शेवटी नदी में स्नान के बाद भक्त हाथ में नारियल, चुनरी व माला-फूल लेकर कतारबद्ध रहे। मान्यता है कि यहां दर्शन व पूजन से चेचक जैसी महामारी से निजात मिलती है। मंदिर के नाबदान के जल से लेप करने से तत्काल चेचक जैसे भयंकर बीमारी से मुक्ती मिलती है। सोशल डिस्टेंसिंग में मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद शुक्ला दर्शन व पूजन कराने में लगे रहे। दर्शनोपरांत भक्तों ने लगे मेले का आनंद उठाया। लाई, बांस व लकड़ी से सामानों की जमकर खरीदारी हुई। देर शाम तक लगभग 30 हजार भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर माथा टेका।
विज्ञापन
महिलाओं ने रखा व्रत, शिव मंदिरों में किया जलाभिषेक
मिर्जापुर। आषाढ़ मास के अंतिम सोमवार से महिलाओं ने सावन व्रत का शुभारंभ किया। गंगा व अन्य सरोवरों में स्नान बाद ज्यादातर महिलाओं ने शिव मंदिरों में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक व दर्शन पूजनकर किया।
नगर के बरियाघाट स्थित श्रीपंचमुखी महादेव मंदिर के साथ ही रैदानी कालोनी स्थित श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तो की भीड़ लगी रही। जिगना: सावन मास के पूर्व आषाढ़ के अंतिम सोमवार को बाबा बदेवरानाथ धाम पहुंची काफी संख्या में महिलाओं ने जलाभिषेक कर दर्शन पूजन किया। पुजारी बाबा महेंद्र गिरी ने बताया कि भोर से ही दर्शन पूजन के लिए भक्तों का आना जाना लगा रहा।
विज्ञापन
लगभग दो किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले मेले में भक्तों व बच्चों ने जम कर लुफ्त उठाया। मेलाक्षेत्र में दर्शनार्थियों को पेयजल व जाम के झाम से जूझना पड़ा। भक्तों की भीड को देखते हुए मंदिर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
हलिया: अंतिम सोमवार को गड़बड़ा धाम स्थित मां शीतला के दरबार में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शेवटी नदी में स्नान के बाद भक्त हाथ में नारियल, चुनरी व माला-फूल लेकर कतारबद्ध रहे। मान्यता है कि यहां दर्शन व पूजन से चेचक जैसी महामारी से निजात मिलती है। मंदिर के नाबदान के जल से लेप करने से तत्काल चेचक जैसे भयंकर बीमारी से मुक्ती मिलती है। सोशल डिस्टेंसिंग में मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद शुक्ला दर्शन व पूजन कराने में लगे रहे। दर्शनोपरांत भक्तों ने लगे मेले का आनंद उठाया। लाई, बांस व लकड़ी से सामानों की जमकर खरीदारी हुई। देर शाम तक लगभग 30 हजार भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर माथा टेका।
विज्ञापन
महिलाओं ने रखा व्रत, शिव मंदिरों में किया जलाभिषेक
मिर्जापुर। आषाढ़ मास के अंतिम सोमवार से महिलाओं ने सावन व्रत का शुभारंभ किया। गंगा व अन्य सरोवरों में स्नान बाद ज्यादातर महिलाओं ने शिव मंदिरों में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक व दर्शन पूजनकर किया।
नगर के बरियाघाट स्थित श्रीपंचमुखी महादेव मंदिर के साथ ही रैदानी कालोनी स्थित श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तो की भीड़ लगी रही। जिगना: सावन मास के पूर्व आषाढ़ के अंतिम सोमवार को बाबा बदेवरानाथ धाम पहुंची काफी संख्या में महिलाओं ने जलाभिषेक कर दर्शन पूजन किया। पुजारी बाबा महेंद्र गिरी ने बताया कि भोर से ही दर्शन पूजन के लिए भक्तों का आना जाना लगा रहा।