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इस मौसम में वृक्ष पर लटक रहे आम का फल
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विकासखंड पहाड़ी के चपगहना गांव में आम की वृक्ष पर लटकते फल
- फोटो : MIRZAPUR
-100 से 200 ग्राम तक लगे के फल देख चकित हो रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो-
अक्तूबर माह: वृक्ष पर लटक रहे आम के फल
- पहाड़ी विकास खंड के चपगहना गांव में प्रकृति का चमत्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ऐसे मौसम में जिसमें कच्चे आम के दर्शन दुर्लभ हों, उसमें पेड़ों पर आम किसी आश्चर्य से कम नहीं। लेकिन पहाड़ी विकास खंड के चपगहना ग्राम प्रधान के यहां लगे एक आम के पेड़ में बौर के साथ छोटे-छोटे टिकोरे हैं। इसी वृक्ष की दूसरी डालियों पर 100 से 200 ग्राम तक के आम के फल लगे हैं।
बागवानी के शौकीन डॉ. नरेंद्र मौर्य का कहना है कि घूमने के दौरान एक नर्सरी से पांच वर्ष पूर्व इस पौधे को लाया था। पौधा छोटा था तभी से इसमें बौर लगना शुरू हो गया था। टिकोरे आने शुरू हो गए। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा हुआ सौ से दो सौ ग्राम तक के आम हो फल हो गए। डॉ. मौर्य का कहना है कि ज्यादातर टिकोरे बड़ा होने से पहले ही किन्हीं कारण से टूटकर गिर जा रहे हैं। फल गिरने व सेवन होने के बावजूद हर मौसम में डालियों पर चार, छह की संख्या में आम के फल बचे रहते हैं।
वर्जन
-फिलहाल यह बारह मासी आम का वृक्ष है। हमारे नर्सरियों में इस तरह के पौधे मौजूद हैं। किसानों को ऐसे पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान प्रतिमाह अच्छी आमदनी भी कर सकते हैं।- मेवाराम, जिला उद्यान अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो-
अक्तूबर माह: वृक्ष पर लटक रहे आम के फल
- पहाड़ी विकास खंड के चपगहना गांव में प्रकृति का चमत्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ऐसे मौसम में जिसमें कच्चे आम के दर्शन दुर्लभ हों, उसमें पेड़ों पर आम किसी आश्चर्य से कम नहीं। लेकिन पहाड़ी विकास खंड के चपगहना ग्राम प्रधान के यहां लगे एक आम के पेड़ में बौर के साथ छोटे-छोटे टिकोरे हैं। इसी वृक्ष की दूसरी डालियों पर 100 से 200 ग्राम तक के आम के फल लगे हैं।
बागवानी के शौकीन डॉ. नरेंद्र मौर्य का कहना है कि घूमने के दौरान एक नर्सरी से पांच वर्ष पूर्व इस पौधे को लाया था। पौधा छोटा था तभी से इसमें बौर लगना शुरू हो गया था। टिकोरे आने शुरू हो गए। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा हुआ सौ से दो सौ ग्राम तक के आम हो फल हो गए। डॉ. मौर्य का कहना है कि ज्यादातर टिकोरे बड़ा होने से पहले ही किन्हीं कारण से टूटकर गिर जा रहे हैं। फल गिरने व सेवन होने के बावजूद हर मौसम में डालियों पर चार, छह की संख्या में आम के फल बचे रहते हैं।
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वर्जन
-फिलहाल यह बारह मासी आम का वृक्ष है। हमारे नर्सरियों में इस तरह के पौधे मौजूद हैं। किसानों को ऐसे पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान प्रतिमाह अच्छी आमदनी भी कर सकते हैं।- मेवाराम, जिला उद्यान अधिकारी।
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