मिर्जापुर। नारीशक्ति मिशन के तहत रविवार को कार्यशाला का आयोजन कर महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध लैंगिक हिंसा की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में पाक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष तक के सभी बच्चों चाहे वह लड़का हो या लड़की सभी के लिए बनाया गया है। बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने लैंगिक शोषण के तीनों आयामों पर तथा तीनों के सजा के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। जिला प्रोबेशन अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे ने बताया कि मिशन शक्ति कार्यक्रम 17 में से 25 अक्तूबर तक चलाया जा रहा है। इसमें जिले से लेकर ब्लाक तथा गांव तक एक साथ टीमबद्ध तरीके से लैंगिक हिंसा की रोकथाम के लिए जागरूकता फैलायी जा रही है। महिला कल्याण अधिकारी मंजू ने बताया कि बच्चों को अपने पन की जरूरत है। उनको दोस्त बनाकर रखेंगे तो वह दिन भर जो बातें उनके साथ होती हैं, उसको वह आपसे जरूर साझा करेंगे। इस प्रकार वह अपराध के बारे में भी बताने से नहीं डरेंगे। पुलिस उपाधीक्षक गौरव कुमार ने कहा कि बच्चों को गुड व बैड टच के बारे में जरूर बताएं। चाइल्ड लाइन के निदेशक अनुज श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर रजनी, निधि, प्रियंका श्रीवास्तव, पंचम, राजलक्ष्मी, चंद्रप्रकाश आदि थे। केएमपीजी कालेज व अन्य जगहों पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।