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टिड्डियों का दल कुशियरा समेत अन्य गांव में डाला डेरा

Thu, 28 May 2020 10:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2020 10:24 PM IST
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Locust camp encamped in other villages including Kushira
हलिया। तेज हवाओं के झोके के सहारे बुधवार की शाम मध्य प्रदेश के रास्ते टिड्डियों के दल जिले के हलिया विकास खंड के कुशियरा गांव तक प
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हुंच गया है। जानकारी होते ही गुरुवार को उप कृषि निदेश अशोक उपाध्याय अपनी टीम के साथ गांवों में पहुंचे, ढोलक, मंजीरा बजवाया।
कुशियरा तथा रामपुर नौडिहवा गांव पहुंचे कृषि विभाग की टीम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढोल, मंजीरे व टीन आदि बजाकर टिड्डियों के दल को खदेड़ दिया। एमपी से सटे यूपी के बार्डर पर स्थित हलिया विकास खंड के गांवों में टिड्डों के प्रकोप का असर न हो इसके लिए उप कृषि निदेशक के निर्देश पर कृषि रक्षक सतीश माली ने बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव करवाया। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कहा कि यदि टिड्डी दिखें तो कंट्रोल रूम 05442-56357 पर सूचना दें। उन्होंने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में टिड्डी दल रात्रि में रुके तो सुबह खेत की जुताई करा देनी चाहिए। बताया कि जैविक नियंत्रण के रूप में ब्यूवेरिया बेसियाना की 2.5 किलोग्राम मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए। टिड्डी दल पर नियंत्रण के लिए विषैली औषधियों से बना चारा जैसे मिथाईल पैैराथियान02 प्रतिशत धूल में भींगी हु्ई गेहूं की भूसी का फैलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकोप दिखाई देने पर मिथाईल पैैराथियान 02 प्रतिशत धूल की 25 से 30 किलोग्राम मात्रा को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए। खंड विकास अधिकारी नंदलाल कुमार ने जागरूकता के संबंध में ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
सतर्क रहें और पानी के टैंकर तैयार रखें
मिर्जापुर। पथरहिया स्थित विकास भवन में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह ने टिड्डी दल के आक्रमण से बचने के लिए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा की।
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कृषि व अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सीडीओ ने कहा कि ये एक प्रकार की आफत ही है जो खेत और हरियाली को चट कर जाती है। इससे बचाव का सुरक्षित तरीका यह है कि यह जहां भी आए वहां जोर की ध्वनि की जाए और अन्य एहतियाती उपाय किए जाए ताकि यह ठहरने न पाए। यदि यह ठहर गए तो समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि जहां पर ऐसी संभावना हो वहां पर पानी व अन्य की व्यवस्था की जाए। बैठक में परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय, कृषि उपनिदेशक अशोक उपाध्याय, डीपीआरओ अरविंद कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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