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सत्ता पाने को कैराना जैसे मुद्दे
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sun, 19 Jun 2016 01:05 AM IST
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जनता दल यू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का माल्यार्पण करते स्वागत करते कार्यकर्ता
- फोटो : mirzapur
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जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि जब चुनाव नजदीक आता है तो भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए कैराना जैसे मुद्दों को उछालती है। कहा कि संघ मुक्त भारत और शराब मुक्त समाज से ही देश का विकास संभव है। उन्होंने भाजपा और सपा को आड़े हाथों लेते हुए दोनों दलों के नेताओं को शराब बंदी लागू करने की नसीहत दी। वह चुनार तहसील के शिवशंकरी धाम स्थित मैदान में प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कैराना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब चुनाव नजदीक आता है तो भाजपा इस तरह के मुद्दों को उछाल कर सत्ता हासिल करना चाहती है। ये झगड़ालू लोग हैं। कहा कि केवल योग करने से समाज नहीं सुधरेगा, इसके लिए शराबबंदी जरूरी है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शराबबंदी के पक्षधर हैं। गुजरात में शराब बंद है, लेकिन यह सभी भाजपा शासित राज्यों में लागू होना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री योग की बात करते हैं, लेकिन शराबबंदी भूल गए। वह कहते हैं कि मेरा कण-कण देश को समर्पित है, लेकिन उनका समय विदेश को समर्पित है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के वादों की याद दिलाते हुए कहा कि देश में कालाधन वापस आया और न ही किसी युवा को रोजगार मिला।
कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने विश्वस्त लोगाें को बिहार भेज कर सर्वे करा लें कि शराब बंदी से क्या फायदा है।
मैंने उनसे यूपी में शराब बंद करने को कहा तो उन्होंने गन्ने के उत्पादन का हवाला देते हुए इस पर रोक लगाने में असमर्थता व्यक्त की। मैंने उन्हें बताया कि गन्ने से एथनाल बना कर पैसा कमाया जा सकता है। आज का घाटा बाद में मुनाफा देगा। कहा कि बसपा के संस्थापक कांशीराम ने जब बीएस फोर बनाया था तो शराबबंदी का आह्वान किया था लेकिन बाद की सरकारों ने यूपी में इस पर ध्यान नहीं दिया। नीतीश कुमार ने बिहार में महिलाओं, महादलितों और अतिपिछड़ों के विकास की चर्चा करते हुए यूपी सरकार को कठघरे मे खड़ा किया। कहा कि किसानों को सूखा राहत राशि नहीं मिली। का वितरण नहीं किया गया। किसान, मजदूर परेशान हैं। बिहार में यह 24 घंटे के भीतर दिया जाता है।
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सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कैराना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब चुनाव नजदीक आता है तो भाजपा इस तरह के मुद्दों को उछाल कर सत्ता हासिल करना चाहती है। ये झगड़ालू लोग हैं। कहा कि केवल योग करने से समाज नहीं सुधरेगा, इसके लिए शराबबंदी जरूरी है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शराबबंदी के पक्षधर हैं। गुजरात में शराब बंद है, लेकिन यह सभी भाजपा शासित राज्यों में लागू होना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री योग की बात करते हैं, लेकिन शराबबंदी भूल गए। वह कहते हैं कि मेरा कण-कण देश को समर्पित है, लेकिन उनका समय विदेश को समर्पित है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के वादों की याद दिलाते हुए कहा कि देश में कालाधन वापस आया और न ही किसी युवा को रोजगार मिला।
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कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने विश्वस्त लोगाें को बिहार भेज कर सर्वे करा लें कि शराब बंदी से क्या फायदा है।
मैंने उनसे यूपी में शराब बंद करने को कहा तो उन्होंने गन्ने के उत्पादन का हवाला देते हुए इस पर रोक लगाने में असमर्थता व्यक्त की। मैंने उन्हें बताया कि गन्ने से एथनाल बना कर पैसा कमाया जा सकता है। आज का घाटा बाद में मुनाफा देगा। कहा कि बसपा के संस्थापक कांशीराम ने जब बीएस फोर बनाया था तो शराबबंदी का आह्वान किया था लेकिन बाद की सरकारों ने यूपी में इस पर ध्यान नहीं दिया। नीतीश कुमार ने बिहार में महिलाओं, महादलितों और अतिपिछड़ों के विकास की चर्चा करते हुए यूपी सरकार को कठघरे मे खड़ा किया। कहा कि किसानों को सूखा राहत राशि नहीं मिली। का वितरण नहीं किया गया। किसान, मजदूर परेशान हैं। बिहार में यह 24 घंटे के भीतर दिया जाता है।
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