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लौह पुरुष की इच्छा शक्ति से मजबूती
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:24 AM IST
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एक मजबूत राजनैतिक इकाई के रूप में भारतीय गणतंत्र को स्थापित करने में सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं दृढ़ इच्छा शक्ति को देश की जनता कभी भुला नहीं सकती। उक्त बातें केबी पीजी कॉलेज के सभागार में पटेल जयंती पर आयोजित गोष्ठी में बोलते हुए डॉ. अरविंद मिश्र ने कही।
संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मिश्र ने कहा कि 1947 में लगभग 565 देशी रियासतों को भारतीय गणतंत्र में शामिल करना एक दुरुह कार्य था। विषय प्रवर्तन करते हुए प्राचार्य डा. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सरदार पटेल न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता थे वरन स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने जो मजबूत बुनियाद रखी आज उसी बुनियाद पर भारतीय लोकतंत्र की इमारत खड़ी है। डॉ. सिंह ने भारत की अखंडता को अक्षुण्ण रखने में इंदिरा गांधी के योगदान एवं उनकी शहादत को भी याद किया। डॉ. शशांक शेखर द्विवेदी, डॉ. शरद मेहरोत्रा, डॉ. करनैल सिंह, डॉ. अशोक सिंह चंदेल, डॉ. राजेश सिंह यादव ने भी गोष्ठी में विचार व्यक्त किए।
उधर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय पर प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 141 वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सचिव रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रदेश सचिव डॉ. शिव प्रसाद विश्वकर्मा ने कहा कि लौह पुरुष को उनकी सेवाओं दृढ़ता एवं कार्यक्षमता के के कारण लौह पुरुष की उपाधि दी गई। जिलाध्यक्ष रमाकांत पटेल ने कहा वल्लभ भाई पटेल ने पूरा जीवन देश की सेवा में लगा दिया। मेघनाथ पटेल, डा. अनिल सिंह, रितेश सिंह, राधेश्याम पटेल,जवाहर सिंह पटेल आदि मौजूद रहे। नरायनपुर तिराहे पर लौह पुरुष की की जयंती अपना दल के कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल सिंह पटेल के नेतृत्व में मनाई गई। इधर शहर के बथुआ में पूर्व नगर अध्यक्ष बिन्दा विश्वकर्मा के नेतृत्व में लौहपुरष की जयंती मनाई गई। उषा विश्वकर्मा, पंकज केसरी, शिवलाल सोनकर, सूरज सोनकर, नितिन आदि मौजूद रहे।
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संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मिश्र ने कहा कि 1947 में लगभग 565 देशी रियासतों को भारतीय गणतंत्र में शामिल करना एक दुरुह कार्य था। विषय प्रवर्तन करते हुए प्राचार्य डा. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सरदार पटेल न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता थे वरन स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने जो मजबूत बुनियाद रखी आज उसी बुनियाद पर भारतीय लोकतंत्र की इमारत खड़ी है। डॉ. सिंह ने भारत की अखंडता को अक्षुण्ण रखने में इंदिरा गांधी के योगदान एवं उनकी शहादत को भी याद किया। डॉ. शशांक शेखर द्विवेदी, डॉ. शरद मेहरोत्रा, डॉ. करनैल सिंह, डॉ. अशोक सिंह चंदेल, डॉ. राजेश सिंह यादव ने भी गोष्ठी में विचार व्यक्त किए।
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उधर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय पर प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 141 वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सचिव रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रदेश सचिव डॉ. शिव प्रसाद विश्वकर्मा ने कहा कि लौह पुरुष को उनकी सेवाओं दृढ़ता एवं कार्यक्षमता के के कारण लौह पुरुष की उपाधि दी गई। जिलाध्यक्ष रमाकांत पटेल ने कहा वल्लभ भाई पटेल ने पूरा जीवन देश की सेवा में लगा दिया। मेघनाथ पटेल, डा. अनिल सिंह, रितेश सिंह, राधेश्याम पटेल,जवाहर सिंह पटेल आदि मौजूद रहे। नरायनपुर तिराहे पर लौह पुरुष की की जयंती अपना दल के कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल सिंह पटेल के नेतृत्व में मनाई गई। इधर शहर के बथुआ में पूर्व नगर अध्यक्ष बिन्दा विश्वकर्मा के नेतृत्व में लौहपुरष की जयंती मनाई गई। उषा विश्वकर्मा, पंकज केसरी, शिवलाल सोनकर, सूरज सोनकर, नितिन आदि मौजूद रहे।
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