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क्रशर प्लांटों का अवैध संचालन
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:32 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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जिले में सीज क्रशर प्लांट संचालित हो रहे हैं। कागजों पर सीज दर्शाए जाने वाले इन प्लांटों को बेखौफ संचालित किया जा रहा है। पहाड़ी ब्लाक के डगमगपुर, चांदलेवा, मनोहरपुर में 14 क्रशर व कटर प्लांट हैं। इनमें एक-दो को छोड़कर सारे क्रशर प्लांट अवैध तरीके से संचालित हो रहें हैं।
सबसे अधिक अहरौरा, मड़िहान इलाके में खनन व परिवहन का खेल चल रहा है। जमालपुुर, अदलहाट, चुनार, लालगंज, हलिया में भी धड़ल्ले से अवैध खनन व ब्लास्टिंग का खेल चल रहा है।
अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे क्रशर और कटर प्लांट के जरिए खनन माफिया शासन को प्रतिमाह करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे है। फिर भी अधिकारी मौन धारण किए हुए हंै। लोगों द्वारा शिकायत करने के बावजूद अधिकारी छापेमारी करने की बजाय इसे एक साजिश बताते हैं।
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बता दें कि जिले में इस समय कुल 70 से अधिक क्रशर और कटर प्लांट हैं। जिसमें कुछ को छोड़ दे तो अधिकांश मानक के अनुरूप नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम गोविंद राजू के निर्देश पर टीम गठित कर जांच कराई गई थी। इसमें अधिकांश प्लांट मानक को पूरा नहीं कर रहे थे। जांच में शिकायत सही मिलने पर इन्हें सीज कर दिया गया था।
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सबसे अधिक अहरौरा, मड़िहान इलाके में खनन व परिवहन का खेल चल रहा है। जमालपुुर, अदलहाट, चुनार, लालगंज, हलिया में भी धड़ल्ले से अवैध खनन व ब्लास्टिंग का खेल चल रहा है।
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अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे क्रशर और कटर प्लांट के जरिए खनन माफिया शासन को प्रतिमाह करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे है। फिर भी अधिकारी मौन धारण किए हुए हंै। लोगों द्वारा शिकायत करने के बावजूद अधिकारी छापेमारी करने की बजाय इसे एक साजिश बताते हैं।
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बता दें कि जिले में इस समय कुल 70 से अधिक क्रशर और कटर प्लांट हैं। जिसमें कुछ को छोड़ दे तो अधिकांश मानक के अनुरूप नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम गोविंद राजू के निर्देश पर टीम गठित कर जांच कराई गई थी। इसमें अधिकांश प्लांट मानक को पूरा नहीं कर रहे थे। जांच में शिकायत सही मिलने पर इन्हें सीज कर दिया गया था।