फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   headmaster suspend mirzapur

हेडमास्टर निलंबित, रसोईयों पर दर्ज होगा मुकदमा

Tue, 04 Feb 2020 01:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 01:00 AM IST
विज्ञापन
headmaster suspend mirzapur
जिला मंडलीय अस्पताल में परिवार की महिला की गोद में अचेत पड़ी आंचल की मां पुनीता देवी। - फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के रामपुर अतरी गांव के प्राथमिक विद्यालय में रसोइयां के मौत मामले में डीएम के आदेश पर हेड मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रसोइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी गई है। साथ ही डीएम सुशील कुमार पटेल ने बीएसए को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन

दोपहर में मिड डे मिल के गर्म भगौने में गिरने से मासूम की मौत हो गई।
शाम को मासूम की मौत होने पर बीएसए वीरेंद्र कुुमार सिंह मंडलीय अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह और एडीएम यूपी सिंह मौके पर पहुुुंचे। डीएम ने मामले की जांच के लिए बीएसए को कार्रवाई का निर्देश दिया। मामले में बीएसए ने हेड मास्टर संतोष कुमार यादव का निलंबित कर दिया। डीएम सुशील कुमार पटेल के आदेश पर खंड विकास अधिकारी राममिलन ने लालगंज थाने में रसोईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दिया। डीएम ने बीएसए को मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट मांगा है। एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

रसोइया की लापरवाही, लगाया था इयरफोन
मासूम आंचल के पिता भागीरथी ने आरोप लगाया कि जब उसकी पुत्री भगौने में गिरी थी तो बच्चो ने शोर मचाया, पर रसोइया इयरफोन लगाकर गाना सुन रही थी। इस कारण बच्चे शोर मचाते रहे पर वह नहीं सुन सकी। बच्चों के बताने पर दूसरे अध्यापक ने बाहर निकाला। रसोइयां इयरफोन न लगाई होती तो समय रहते बच्ची को बचाया जा सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उलट दिया होता भगौना तो बचाई जा सकती थी बच्ची
मासूम के परिजनों का आरोप है कि रसोईयां ने न सिर्फ इयरफोन लगाया था बल्कि बच्चों ने जब उसे आंचल के गिरने के बारे में बताया तो वह उसे निकालने के लिए करछुल खोज रही थी। इसके बाद अध्यापक ने बाहर निकाला। ज्यादा देर तक गर्म भगौने में रहने के कारण आंचल 80 प्रतिशत तक झुलस गई थी। इसके चलते उसकी मौत हो गई। रसोईयां या विद्यालय के अन्य लोग बालिका को बाहर निकालने के लिए भगौने को पलट दिए होते तो वह बच सकती थी।
नमक रोटी मामला हुआ ताजा
प्राथमिक विद्यालय में लापरवाही के चलते तीन वर्षीय मासूम का मिड डे मिल के भगौने में गिरने से झुलस कर हुई मौत मामले ने अहरौरा के प्राथमिक विद्यालय सिउर में छात्रों को नमक रोटी बांटे जाने के मामले को ताजा कर दिया। अभिभावकों की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को बेहतर व्यवस्था न दिए जाने की शिकायते की जाती रहती है। गाहे-बगाए दुर्व्यवस्था और लापरवाही के मामले भी सामने आते रहते हैं। मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर देते है। कार्रवाई का असर कुछ दिन रहता है, पर इसके बाद फिर व्यवस्थाएं बेपटरी हो जाती है।
विद्यालय में तैनात हैं छह रसोइयां
प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का संविलयन होने के कारण पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ही चार्ज पर है। जहां सहायक अध्यापक के तौर पर नवनीत कुमार वर्मा, अनुदेशक अर्जुन है। प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षामित्र कुसुम देवी, गायत्री देवी, ममता सिंह, कविता सिंह की नियुक्ति है । प्राथमिक विद्यालय में कुल 116 के सापेक्ष 43 व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 172 के सापेक्ष 82 बच्चे ही उपस्थित थे। इनके मध्यान भोजन के लिए छह रसोइयां लीलावती देवी, कमलावती देवी, सोना देवी, मोना देवी, रीता देवी, नगीना देवी रखी गई है।
भाइयों के साथ गई थी, मिल गई मौत
मासूम की मौत होने पर उसका पिता बार-बार यही कह कर रोने लगता कि मासूम आंचल भाईयों के साथ स्कूल पढ़ने जाने के की जिद करती थी। प्रतिदिन वह स्कूल तालीम हासिल करने जाती थी। क्या पता था कि आज उसी स्कूल में उसकी मौत होगी।
जब आंचल भगौने में गिर तो पिता भागीरथी बैंक ड्यूटी कर रहा था। कामकाज में उलझा हुआ था कि तभी अचानक प्रधान पति का फोन आया कि तुम्हारी लाडली छोटी बिटिया स्कूल गयी थी और सब्जी के भगौने में गिर कर झुलस गई है। इतना सुनते ही भागीरथी के हाथ से मोबाइल गिर गया। वह बैंक में ही रोने लगा। उसे रोता देख सभी बैंक कर्मी उसके पास आए और ढांढस बंधाते हुए उसे तत्काल घर पहुंचाया। घर पहुंचते ही बालिका की मां अपने पति भागीरथी से लिपट कर रोने लगी। दोनों दीपनगर निजी अस्पताल पहुंचे। दोनों मासूम की हालत देखकर रोने लगे। डाक्टर के रेफर करने के बाद मंडलीय अस्पताल आए। वहां पर मासूम के उपचार के दौरान मौत होने पर बेहोश हो गए।

मोबाइल में फोटो देख बेहोश हो जा रहे थे माता-पिता
भागीरथी लालगंज के भूमि विकास बैंक लालगंज चतुर्थ श्रेणी पर पर कार्यरत है और पत्नी पुनीता देवी घर का कामकाज कर अपने बच्चों का पेट पालती है। दो पुत्र छह वर्षीय गणेश और पांच वर्षीय हिमांशु है। सबसे छोटी पुत्री तीन वर्षीय आंचल परिवार की सबसे लाडली थी। मंडलीय अस्पताल में बालिका की मौत होने से माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल था। मासूम के झुलस जाने के कारण उसके माता-पिता अपने लाडली की फोटो को मोबाइल पर देखकर फफक कर रोने लगते थे। रोते-रोते बेहोश हो जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed