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धर्म की रक्षा में शहीद हुए थे गुरु तेग बहादुर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:09 AM IST
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रतनगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में गुरु श्री तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व पर उपस्थित सिख समाज की महिलाएं
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नगर के रतनगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में रविवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी पर्व मनाया गया। गुरुद्वारे में जहां शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया, गुरुद्वारे के हजूरी रागी जत्थे ने अपने कीर्तन की प्रस्तुतियों से सबको निहाल कर दिया। इस अवसर पर आयोजित अटूट लंगर में सर्वसमाज के लोगाें ने लंगर छका।
गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में शुक्रवार से चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति रविवार को हुआ। गुरुद्वारे के हजूरी रागी हजूरी रागी जत्थे ने- जगत में झुठी देखी प्रीत रे मन राम से कर प्रीत..प्रस्तुत कर सबको निहाल कर दिया। गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरमिंदर सिंह सरना उर्फ बल्लू ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन मूल्याें पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्हाेंने कहा कि गुरुओं ने जीवन की हर समस्याआें का समाधान अपने ज्ञान व अनुभव से समझाया है।
इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए श्री गुरुग्रंथ साहिब में संकलित किया गया ताकि पीढ़ी दर पीढ़ी के लोग इस ज्ञान से लाभान्वित होते रहें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गुरुद्वारे के सचिव सुरजीत सिंह मोंगा ने गुरुजी के व्यक्तिव व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जी हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शहीद हुए ओर हिंदू धर्म का बचाव किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर अरदास किया गया तथा लंगर का भी वितरण किया गया, जिसे सभी धर्मों के लोगाें ने ग्रहण किया। इस दौरान अमरीक सिंह, करमजीत सिंह सरना, जसबीर सिंह माेंगा, अवनीत सिंह, दलजीत सिंह, राज सिंह मल्होत्रा, महेंद्र सिंह विज, दिलीप सिंह सलूजा, राजेंद्र कौर, भूपेंद्र कौर, सुरजीत कौर, तरमिंदर कौर आदि मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में शुक्रवार से चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति रविवार को हुआ। गुरुद्वारे के हजूरी रागी हजूरी रागी जत्थे ने- जगत में झुठी देखी प्रीत रे मन राम से कर प्रीत..प्रस्तुत कर सबको निहाल कर दिया। गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरमिंदर सिंह सरना उर्फ बल्लू ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन मूल्याें पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्हाेंने कहा कि गुरुओं ने जीवन की हर समस्याआें का समाधान अपने ज्ञान व अनुभव से समझाया है।
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इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए श्री गुरुग्रंथ साहिब में संकलित किया गया ताकि पीढ़ी दर पीढ़ी के लोग इस ज्ञान से लाभान्वित होते रहें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गुरुद्वारे के सचिव सुरजीत सिंह मोंगा ने गुरुजी के व्यक्तिव व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जी हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शहीद हुए ओर हिंदू धर्म का बचाव किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर अरदास किया गया तथा लंगर का भी वितरण किया गया, जिसे सभी धर्मों के लोगाें ने ग्रहण किया। इस दौरान अमरीक सिंह, करमजीत सिंह सरना, जसबीर सिंह माेंगा, अवनीत सिंह, दलजीत सिंह, राज सिंह मल्होत्रा, महेंद्र सिंह विज, दिलीप सिंह सलूजा, राजेंद्र कौर, भूपेंद्र कौर, सुरजीत कौर, तरमिंदर कौर आदि मौजूद रहे।
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