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तैयारियां अधूरी, गड़बड़ा मेला आज से
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:59 PM IST
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गड़बड़ा शीतला धाम का 15 दिवसीय मेला पांच दिसंबर सोमवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इस प्राचीन वार्षिक मेले में मूलभूत सुविधाआें का टोटा नजर आ रहा है। मेले में जुटने वाले भक्ताें की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं नदारद हैं। करीब पांच किलोमीटर एरिया में फैले मेला क्षेत्र में जहां चाराें तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, वहीं स्नान करने का घाट भी वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है।
जनपद का प्राचीन ग्रामीण मेला होने के बावजूद गड़बड़ा शीतला धाम मेले के प्रति जिला प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। हलिया विकास खंड के गड़बड़ा गोकूल गांव में सेवटी नदी के तट पर लगने वाला 15 दिवसीय मेले में आस्थावानाें की भीड़ शुक्रवार से ही जुटनी शुरू हो गई है, लेकिन मेला क्षेत्र में भक्ताें के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले भक्तों को कड़ाके की ठंड के दौरान खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ेगी।
मेला क्षेत्र में जहां बिजली-पानी का अभाव बना हुआ है, वहीं मंदिर के पूर्वी हिस्से में सेवटी नदी के तट पर स्थित स्नान घाट मुंह चिढ़ा रहा है। मेला क्षेत्र में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे श्रद्धालुआें को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। प्रसिद्ध गड़बड़ा मेले में दूरदराज से आने वाले अधिकांश भक्तजन ठहरते भी हैं, वहीं कुछ वापस भी चले जाते हैं, लेकिन मेला क्षेत्र में न तो टेंट की व्यवस्था है और न ही कोई सार्वजनिक धर्मशाला ही है, जहां श्रद्धालु रात गुजार सकें। मेला क्षे9 में अस्थाई शौचालय आदि नहीं होने से भक्तजन परेशान होंगे। मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए थानाध्यक्ष हलिया केके सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में थाना व चौकी के पुलिस बल, छह महिला कांस्टेबिल व डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवान पांच दिसंबर को लगने वाले देहाती मेले में तैनात रहेंगे। आगामी 12 दिसंबर को लगने वाले शहरहवा मेले में बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती कराई जाएगी।
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जनपद का प्राचीन ग्रामीण मेला होने के बावजूद गड़बड़ा शीतला धाम मेले के प्रति जिला प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। हलिया विकास खंड के गड़बड़ा गोकूल गांव में सेवटी नदी के तट पर लगने वाला 15 दिवसीय मेले में आस्थावानाें की भीड़ शुक्रवार से ही जुटनी शुरू हो गई है, लेकिन मेला क्षेत्र में भक्ताें के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले भक्तों को कड़ाके की ठंड के दौरान खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ेगी।
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मेला क्षेत्र में जहां बिजली-पानी का अभाव बना हुआ है, वहीं मंदिर के पूर्वी हिस्से में सेवटी नदी के तट पर स्थित स्नान घाट मुंह चिढ़ा रहा है। मेला क्षेत्र में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे श्रद्धालुआें को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। प्रसिद्ध गड़बड़ा मेले में दूरदराज से आने वाले अधिकांश भक्तजन ठहरते भी हैं, वहीं कुछ वापस भी चले जाते हैं, लेकिन मेला क्षेत्र में न तो टेंट की व्यवस्था है और न ही कोई सार्वजनिक धर्मशाला ही है, जहां श्रद्धालु रात गुजार सकें। मेला क्षे9 में अस्थाई शौचालय आदि नहीं होने से भक्तजन परेशान होंगे। मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए थानाध्यक्ष हलिया केके सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में थाना व चौकी के पुलिस बल, छह महिला कांस्टेबिल व डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवान पांच दिसंबर को लगने वाले देहाती मेले में तैनात रहेंगे। आगामी 12 दिसंबर को लगने वाले शहरहवा मेले में बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती कराई जाएगी।
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