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17 टन लिक्विड आने से चार दिन का बना आक्सीजन बैकअप

Sat, 24 Apr 2021 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 11:16 PM IST
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Four days of oxygen backup with 17 tonnes of liquid coming
मिर्जापुर। जिले में आक्सीजन की समस्या फिलहाल दूर हो गई है। शुक्रवार को साढ़े तीन टन लिक्विड आने के बाद शनिवार को बोकारो से 12 टन और गाजियाबाद से पांच टन लिक्विड आक्सीजन की खेप जिले को मिली। इससे 1400 बड़े सिलिंडर तैयार होंगे। इससे जिले की ऑक्सीजन की समस्या दूर होगी। चार दिन का बैकअप तैयार होगा।
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जिले में आक्सजीन की किल्लत तो शुक्रवार को खत्म हो गई थी, पर जमशेदपुर से चली लिक्विड आक्सीजन शनिवार को पहुंची। लिक्विड आने से एक-दो दिन की समस्या का निराकरण हुआ। पर ऑक्सीजन का बैकअप रखना बहुत जरूरी हो गया था। आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र के प्रयास से बोकारो से 12 टन ऑक्सीजन शनिवार को बरौधा स्थित काव्या इंड्रस्ट्री के प्लांट में पहुंचा। इसके अलावा काव्या इंड्रस्टी ने अपनी कंपनी से 20 टन लिक्विड आक्सीजन की मांग की थी। इसमें से पांच टन ऑक्सीजन मिल गई। ऑक्सीजन प्लांट प्रभारी डॉ. निलय ने बताया कि 12 टन लिक्विड ऑक्सीजन से 1000 जंबो सिलिंडर और पांच टन से 400 सिलिंडर तैयार होंगे। 1400 सिलिंडर को मिर्जापुर के अलावा भदोही, सोनभद्र और कुछ सिलिंडर वाराणसी के अस्पताल में भेजा जाएगा। शुक्रवार से अब तक लगभग 500 सिलेंडर आक्सीजन बन चुका है। शनिवार को भी मंडलीय अस्पताल में 50, एल-टू अस्पताल में 30, 10 विंध्याचल, 60 निजी कोविड केयर अस्पताल में भेजा गया है। इससे चार दिनों का बैकअप बन गया है। बताया कि डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने 100 खाली सिलिंडर मंगाने का निर्देश दिया है। जिससे आक्सीजन की सप्लाई हो सके।
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आज से सोनभद्र का प्लांट हो जाएगा शुरू
- कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र के प्रयास से सोनभद्र में आज से आक्सीजन प्लांट के शुरू होने की उम्मीद है। इसके शुरू हो जाने के बाद प्रतिदिन 300 आक्सीजन सिलिंडर का उत्पादन हो सकेगा। इससे न केवल सोनांचल की जरूरत पूरी हो सकेगी बल्िक आस पास के जिलों को भी इमरजेंसी में सिलिंडर की सप्लाई की जा सकेगी। सबसे खास बात यह है कि इस प्लांट के लिए तरल आक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ती। यह हवा से ही आक्सीजन बनाता है। यह पुराना प्लांट था। आपदा में यह बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।
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