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Mirzapur News: 10 विभागों पर बकाया है चार करोड़ बिजली बिल, 24 प्रतिशत लाइन है लॉस

Mon, 10 Nov 2025 01:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:26 AM IST
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Four crore electricity bills are pending for 10 departments, with a 24 percent line loss.
नगर के वासलीगंज बाजार में बिजली के तार का जाल, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। बिजली निगम घरेलू उपभोक्ताओं पर खूब शिकंजा कसता है। कार्रवाई के दौरान बड़े बकायेदारों की बिजली काट दी जाती है। बिजली निगम सरकारी बकायेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। जिले में 10 सरकारी विभागों का लगभग चार करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। वहीं, 24 प्रतिशत लाइन लॉस हो रहा है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी विभागों को नोटिस भेजी गई है। एक सप्ताह में बकाया बिल का भुगतान करने के लिए कहा गया है। बकाया भी एक प्रकार से लाइन लॉस में ही जाता है।
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ये हैं 10 बड़े सरकारी बकायेदार
नगर पालिका 5297570
बाण सागर कालोनी 4942275
ट्यूबवेल कालोनी 4748849
डीपीआरओ कार्यालय 4450406
सीएमओ कार्यालय 4091784
विंध्य विकास सचिव कार्यालय 3542581
सदर तहसील 3490436
भारत संचार निगम लिमिटेड 3414875
कलेक्ट्रेट 2660245
चिकित्सा प्रभारी कर्मचारी राज्य चिकित्सा 2382834

जो अधिकारी बकाया वसूलने की करता है कोशिश, हो जाता है उसका तबादला
मिर्जापुर। शासन सत्ता में जिनकी पैठ होती है उससे बिजली निगम बकाया नहीं वसूल पाता है। विंध्याचल में हाल ही में एसडीओ का तबादला कर दिया गया। चर्चा है कि जिस अधिकारी ने बकाया वसूलने का प्रयास किया। उनकी शिकायत की गई। इसके बाद उनका तबादला हो गया। आरोप में कितनी सच्चाई है यह तो बिजली निगम जाने लेकिन कोई अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है। सभी इसे नियमित होने वाली विभागीय कार्यवाही बता रहे हैं।
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घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया है 900 करोड़
मिर्जापुर। जिले के घरेलू उपभोक्ताओं पर लगभग 900 करोड़ रुपये का बकाया है। बकाया वसूली के लिए समय-समय पर एक मुश्त समाधान योजना, किश्तों में भुगतान की योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके बाद भी बकाये की वसूली नहीं हो पाती है। बकाया बिलों का भुगतान न करने पर विभाग ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिले में कई डिवीजन हैं, सबका अभिलेख जांचने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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आमतौर पर नगरीय उपभोक्ता अपने बकाए को समय से जमा कर देते हैं। यदि कोई समस्या है तो घरेलू उपभोक्ताओं को भी कुछ समय देना चाहिए।
- प्रेम मिश्रा, नागरिक

कई बार बकाया के चलते बिल इतना अधिक हो जाता है कि आम उपभोक्ता एक बार में भुगतान नहीं कर पाता। ऐसे उपभोक्ताओं को किश्त की सुविधा देनी चाहिए।
- भोनू सिंह, नागरिक
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