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नहीं मिला स्ट्रेचर, गोद में ले गए मरीज
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:27 AM IST
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गोद में रोगी
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मंडलीय चिकित्सालय में तैनात कर्मचारियों द्वारा स्टेचर नहीं दिए जाने से मंगलवार को एक परिजन अपने मरीज को गोद में ही उठा कर वार्ड तक ले गए। इससे परिजन तो परेशान हुए ही उनके मरीज को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों की इस लापरवाही को लेकर लोगों ने काफी आक्रोश जताया।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था छिन्नभिन्न हो गई है। न दवा मिल रही है ना ही ठीक से इलाज हो पा रहा है।
ा मंगलवार की दोपहर मंडलीय चिकित्सालय में देखने को मिला। जब मंगलवार की दोपहर एक परिवार के लोग अपने 15 वर्षीय बेटे का इलाज कराने मंडलीय चिकित्सालय आए थे। किशोर को चिकित्सक के पास ले गए तो डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक देख उसे चिकित्सालय में भर्ती कर लिया। ओपीडी से वार्ड तक मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर मंगाया। बार-बार कहने के बाद भी न तो वार्ड ब्वाय आया और न ही स्ट्रेचर आया। काफी देर तक परिवार के लोग उनका इंतजार करते रहे लेकिन जब कोई नहीं आया तो हारकर गोद में उठाकर मरीज को वार्ड तक ले गए। पिछले कुछ दिनों से अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की तादाद बढ़ गई है और न तो बेड़ खाली है और नही लोगों को समय से इलाज मिल पा रहा है।
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अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था छिन्नभिन्न हो गई है। न दवा मिल रही है ना ही ठीक से इलाज हो पा रहा है।
ा मंगलवार की दोपहर मंडलीय चिकित्सालय में देखने को मिला। जब मंगलवार की दोपहर एक परिवार के लोग अपने 15 वर्षीय बेटे का इलाज कराने मंडलीय चिकित्सालय आए थे। किशोर को चिकित्सक के पास ले गए तो डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक देख उसे चिकित्सालय में भर्ती कर लिया। ओपीडी से वार्ड तक मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर मंगाया। बार-बार कहने के बाद भी न तो वार्ड ब्वाय आया और न ही स्ट्रेचर आया। काफी देर तक परिवार के लोग उनका इंतजार करते रहे लेकिन जब कोई नहीं आया तो हारकर गोद में उठाकर मरीज को वार्ड तक ले गए। पिछले कुछ दिनों से अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की तादाद बढ़ गई है और न तो बेड़ खाली है और नही लोगों को समय से इलाज मिल पा रहा है।
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